खेल

केंद्र का बड़ा कदम: पहाड़ी राज्यों के इंजीनियरों को सरकारी कंपनी में नौकरी का मौका

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला—पहाड़ी राज्यों के स्थानीय सिविल इंजीनियरों को PSU में मौका। NHIDCL में 64 पदों पर भर्ती, 80 हजार तक मानदेय, जानें योग्यता और शर्तें।

केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसले के तहत देश के पहाड़ी राज्यों के स्थानीय इंजीनियरों को सार्वजनिक उपक्रमों में काम करने का अवसर देने का निर्णय लिया है। इसके तहत पहली बार सरकारी उपक्रम में अस्थायी नियुक्ति की जाएगी। सरकार का उद्देश्य युवा इंजीनियरों को पेशेवर रूप से दक्ष बनाना और आधुनिक तकनीक का व्यावहारिक अनुभव देकर राज्यों के विकास को गति देना है।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक उपक्रम राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) पहले चरण में फरवरी माह में 64 सिविल इंजीनियरों की भर्ती करेगा। यह भर्ती विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों के स्थानीय स्नातकों के लिए आरक्षित होगी।

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, स्थानीय युवा इंजीनियर पहाड़ी इलाकों की भौगोलिक चुनौतियों और स्थानीय पारिस्थितिकी को बेहतर ढंग से समझते हैं। उन्हें न केवल रोजगार मिलेगा, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त होगा। इससे दुर्गम क्षेत्रों में राष्ट्रीय राजमार्गों, सुरंगों और पुलों के निर्माण में तेजी आएगी और स्थानीय युवाओं का बड़े शहरों की ओर पलायन भी रुकेगा।

80 हजार रुपये तक मानदेय

NHIDCL की स्टेट स्पेसिफिक ग्रेजुएट स्कीम के तहत चयनित सिविल इंजीनियरों को ₹70,000 से ₹80,000 प्रति माह मानदेय दिया जाएगा।

  • हर साल 5% वेतन वृद्धि
  • प्रारंभिक नियुक्ति: 2 वर्ष
  • प्रदर्शन के आधार पर 1 वर्ष का विस्तार (कुल 3 वर्ष)

अर्हता (Eligibility)

  • संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश का डोमिसाइल अनिवार्य
  • सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक या समकक्ष डिग्री
  • अंतिम वर्ष के छात्र भी आवेदन कर सकते हैं (कार्यभार ग्रहण करने से पहले डिग्री पूर्ण होनी चाहिए)
  • डिग्री IITs, NITs या NIRF रैंकिंग (इंजीनियरिंग) में टॉप-100 संस्थान से
  • 0 से 2 वर्ष तक का कार्य अनुभव मान्य

पात्रता से जुड़ी मुख्य शर्तें

  • जिस राज्य/UT के लिए आवेदन किया जा रहा है, उसी का स्थायी निवासी होना आवश्यक।
  • नए स्नातकों को प्राथमिकता।
  • अंतिम वर्ष के छात्र पात्र, बशर्ते नियुक्ति से पहले डिग्री पूरी हो।

चयनित इंजीनियरों की जिम्मेदारियां

  • डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) और डिजाइन की समीक्षा
  • भूमि अधिग्रहण व यूटिलिटी शिफ्टिंग में जिला प्रशासन से समन्वय
  • निर्माण स्थल निरीक्षण और गुणवत्ता व सुरक्षा की निगरानी
  • अनुबंध प्रबंधन और तकनीकी पत्राचार में सहयोग

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button