लाइफ स्टाइल
माँ और शिशु के स्वास्थ्य के लिए सांस से जुड़े चार असरदार व्यायाम
प्रेगनेंसी में सही ब्रीदिंग क्यों जरूरी है? जानिए बैली ब्रीदिंग, चेस्ट ब्रीदिंग और शैलो ब्रीदिंग समेत आसान ब्रीदिंग एक्सरसाइज, उनके फायदे और सही तरीका।
नई दिल्ली. प्रेगनेंसी के दौरान सही ब्रीदिंग (सांस लेने की तकनीक) बेहद जरूरी होती है। बच्चे के संपूर्ण विकास और मां के शरीर के सुचारू कामकाज के लिए ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति अनिवार्य है। सही ब्रीदिंग से भ्रूण को आवश्यक पोषण मिलता है और उसका विकास बेहतर ढंग से होता है। इसी वजह से गर्भावस्था में ब्रीदिंग तकनीक को सही और जरूरत के अनुसार संशोधित करना जरूरी माना जाता है।
क्यों जरूरी है सही ब्रीदिंग?
- गर्भावस्था के दौरान शरीर की ऑक्सीजन जरूरत बढ़ जाती है। सही तरीके से सांस लेने से:
- बच्चे तक पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचती है
- थकान और तनाव कम होता है
मां का शरीर प्रसव के लिए बेहतर तरीके से तैयार होता है
1. पेट से सांस लेना (बैली ब्रीदिंग)
इसे डायाफ्रामेटिक ब्रीदिंग भी कहा जाता है।
कैसे करें
- पैरों को मोड़कर आरामदायक मुद्रा में बैठें।
- जबड़े, कंधे और नितंब सहित पूरे शरीर को ढीला छोड़ दें।
- एक हाथ पेट पर और दूसरा उसके ऊपर रखें।
- निचले हिस्से से गहरी सांस लें, पेट को हवा से भरें।
- 8 तक या जितना सहज लगे उतनी गिनती करें।
- उतनी ही गिनती में धीरे-धीरे सांस छोड़ें।
कितनी देर करें
- रोजाना 10 मिनट।
- अगर भारी पेट के कारण कठिनाई हो, तो घुटनों पर हथेलियां रखकर भी यह अभ्यास किया जा सकता है।
2. छाती से सांस लेना (चेस्ट ब्रीदिंग)
कैसे करें
- सीधे खड़े हों, पैर समानांतर रखें।
- मुंह बंद रखें और 10 तक गिनते हुए गहरी सांस लें।
- दोनों हाथ हल्के से छाती पर रखें, दबाव न डालें।
- सांस लेते समय फेफड़े फैलने के साथ हाथों को फैलाएं।
- कुछ सेकंड सांस रोकें और फिर धीरे-धीरे छोड़ दें।
कितनी बार करें
- दिन में 10 बार।
- सातवें महीने के बाद यह अभ्यास थोड़ा कठिन हो सकता है, इसलिए अपनी सुविधा के अनुसार ही करें।
3. उथली सांस लेना (शैलो ब्रीदिंग)
ध्यान रखें कि दिनभर उथली सांस लेना ठीक नहीं है, क्योंकि इससे बच्चे को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती।
कैसे करें:
- घुटनों को मोड़ते हुए पीछे की ओर झुकें।
- फिर पैरों को समानांतर रखते हुए सीधे खड़े हों।
- मुंह पूरा खोलें और तेजी से उथली सांसें लें।
फायदा:
- यह फेफड़ों के लिए अच्छी एक्सरसाइज मानी जाती है।
- दिन में कम से कम 5 मिनट करें।
4. गहरी और उथली सांसों का वैकल्पिक अभ्यास
कैसे करें:
- आरामदायक स्थिति में बैठें या सीधे खड़े हों।
- जबड़े, हाथ, घुटने, नितंब और कंधों को ढीला छोड़ दें।
- गहरी सांस लें, कुछ सेकंड रोकें और धीरे छोड़ दें।
- फिर मुंह चौड़ा खोलकर 5 तक गिनते हुए उथली सांस लें।
- मुंह बंद कर दोबारा गहरी सांस लें।
कितनी बार करें:
- इस प्रक्रिया को धीरे-धीरे बढ़ाते हुए 5 बार दोहराएं।
- ध्यान रखने योग्य बातें
- किसी भी एक्सरसाइज को दर्द या असहजता में न करें।
- अगर चक्कर, सांस फूलना या असामान्य लक्षण हों, तो तुरंत रुकें।
- जरूरत हो तो डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह लें।




