छत्तीसगढ़

CG News: गरीबों के पक्के घर का रास्ता साफ, PMAY-G में 40 हजार से ज्यादा आवास मंजूर

CG News: प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत जिले में दो वर्षों में 40 हजार से अधिक पक्के मकानों को स्वीकृति। 75% से ज्यादा आवास पूर्ण, हितग्राहियों को 1.20 लाख की सहायता।

CG News: रायपुर. आवास विहीन एवं कच्चे मकानों में रह रहे ग्रामीण परिवारों को पक्का और सुविधायुक्त घर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत जिले में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। शासन द्वारा बीते दो वर्षों में कुल 40,454 आवासों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है।

1.20 लाख की सहायता और 90 दिन की मजदूरी

योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को पक्का आवास निर्माण के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये की वित्तीय सहायता के साथ मनरेगा से 90 मानव दिवस की मजदूरी दी जाती है, जिससे ग्रामीण परिवारों को रोजगार और आवास—दोनों का लाभ मिल रहा है।

2024-25 में 75.71% आवास पूर्ण

वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले में 30,766 आवास स्वीकृत किए गए, जिनमें से 23,294 आवास (75.71%) पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 7,472 आवास निर्माणाधीन हैं।

2025-26 में 9,688 नए आवास स्वीकृत

वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 9,688 आवासों को स्वीकृति दी गई है। इनमें से 7,026 हितग्राहियों को प्रथम किश्त की राशि जारी की जा चुकी है और निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जा रहा है।

भूमि पूजन और गृह प्रवेश कार्यक्रम

योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समय-समय पर स्वीकृत आवासों का भूमि पूजन तथा पूर्ण हुए आवासों में हितग्राहियों की उपस्थिति में गृह प्रवेश कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

एक दिवसीय अभियान से निर्माण को मिल रही गति

जिले में नवाचार के तहत एक दिवसीय विशेष अभियान चलाकर अप्रारंभ आवासों को शुरू कराने और निर्माणाधीन आवासों को समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए हितग्राहियों को प्रेरित किया जा रहा है।

रेन हार्वेस्टिंग और उत्कृष्ट हितग्राहियों का सम्मान

स्वीकृत आवासों में रेन हार्वेस्टिंग के तहत सोख्ता गड्ढा निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही उत्कृष्ट आवास निर्माण करने वाले एवं कम समय में मकान पूर्ण करने वाले हितग्राहियों को जिला और विकासखंड स्तर पर सम्मानित किया जा रहा है।

स्वरोजगार और कौशल विकास पर भी जोर

हितग्राहियों के जीवन स्तर में सुधार के लिए ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र, बरगा के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि वे कुशल श्रमिक बनकर अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त कर सकें।

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