पेंड्रा केस: प्रेम संबंध के शक में विधवा को निर्वस्त्र कर घुमाने का आरोप, पुलिस जांच तेज
पेंड्रा के रानीझाप गांव में विधवा महिला के साथ अमानवीय व्यवहार, अर्धनग्न कर गांव में घुमाने और मारपीट का आरोप। पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

पेंड्रा. पेंड्रा जिले से एक बेहद हैरान कर देने वाली और सनसनीखेज घटना सामने आई है। खोडरी चौकी क्षेत्र के ग्राम रानीझाप में एक विधवा महिला के साथ कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार किया गया। आरोप है कि महिला को अर्धनग्न कर गांव में घुमाया गया और उसके साथ मारपीट की गई। यह घटना उस समय सामने आई, जब महिला गांव के एक शादीशुदा पुरुष के साथ रहने के बाद वापस लौटी थी।
तीन महीने पहले प्रेमी के साथ गई थी महिला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 35 वर्षीय पीड़ित महिला लगभग एक वर्ष पूर्व अपने पति के निधन के बाद विधवा हो गई थी। गांव के ही 35 वर्षीय शादीशुदा व्यक्ति हरि प्रसाद राठौर से उसका प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों 29 अक्टूबर को घर से भाग गए थे और मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के ग्राम मालाचुवा में रह रहे थे। शुक्रवार को दोनों के गांव लौटने पर विवाद की स्थिति बन गई।
चौकी में जताई साथ रहने की इच्छा
विवाद के बाद महिला और हरि प्रसाद के परिजन खोडरी चौकी पहुंचे। वहां महिला ने हरि प्रसाद के साथ रहने की इच्छा जाहिर की। इसके बाद सभी लोग गांव रानीझाप लौट आए। शुक्रवार रात को गांव के भुल्लन गोंड़ ने दोनों को अपने घर में शरण दी थी।
महिला पर गोबर पोतकर की गई पिटाई
शनिवार सुबह करीब 10 बजे हरि प्रसाद की पत्नी सरोज राठौर, भाई मनोज, यशोदा राठौर सहित अन्य लोग एकत्र हुए। आरोप है कि उन्होंने महिला को पीटना शुरू कर दिया, उसके कपड़े उतार दिए और उसे गांव में घुमाया। हमलावरों ने महिला पर गोबर भी पोता और मारते हुए गांव के मुख्य मार्ग से काली मंदिर तक ले गए।
ग्रामीणों ने बचाया, पुलिस ने की कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही महिला के परिजन और ग्रामीण—जिनमें अमर सिंह धुर्वे और दशरथ विश्वकर्मा शामिल थे—मौके पर पहुंचे और महिला को आरोपियों से छुड़ाया। उन्होंने महिला को कपड़े पहनाए और पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और घायल महिला को अपने साथ ले गई। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।




