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पाक पर अफगानिस्तान का वार्निंग अटैक: ‘बच्चों की मौत बेकार नहीं जाएगी’

पाकिस्तान की एयर स्ट्राइक पर अफगानिस्तान ने नागरिकों की मौत का आरोप लगाया है। तालिबान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी, जबकि पाकिस्तान ने आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया। जानें पूरा मामला।

नई दिल्ली. अफगानिस्तान ने सीमावर्ती इलाकों में पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों की पुष्टि करते हुए दावा किया है कि इन हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत दर्जनों आम नागरिकों की मौत हो गई। तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद के मुताबिक, बीती रात नांगरहार और पकटिका प्रांतों में अचानक एयर स्ट्राइक की गई।

रिहायशी इमारत पर हमला, एक परिवार के कई लोग मलबे में दबे

टोलो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार नांगरहार में एक रिहायशी इमारत को निशाना बनाया गया, जहां करीब 23 लोगों का एक ही परिवार रहता था। हमले के बाद इमारत मलबे में तब्दील हो गई। अब तक केवल चार लोगों को ही बाहर निकाला जा सका है, जबकि कई लोगों के दबे होने की आशंका है। तालिबान का कहना है कि बेरमाल और आरगुन जिलों में भी हवाई हमले किए गए।

‘मासूमों को निशाना बनाया’, अफगानिस्तान ने दी जवाब की चेतावनी

जबीउल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान पर अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ और बेकसूर लोगों को मारने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है और अफगानिस्तान के पास इसका जवाब देने का अधिकार सुरक्षित है। उनके अनुसार, “सही समय आने पर प्रतिक्रिया दी जाएगी।”

पाकिस्तान का दावा – आतंकी ठिकानों पर की गई सटीक कार्रवाई

इस्लामाबाद ने कहा है कि खैबर-पख्तूनख्वा के बन्नू में हुए आत्मघाती हमले में सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल और एक जवान की मौत के बाद यह कार्रवाई की गई। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के मुताबिक:

  • हमले खुफिया जानकारी के आधार पर किए गए
  • सात आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया
  • कार्रवाई पाकिस्तानी तालिबान (TTP), फितना अल ख्वारिज (FAK) और आईएसकेपी से जुड़े ठिकानों के खिलाफ थी
  • पाकिस्तान का यह भी कहना है कि इन आतंकी घटनाओं की साजिश अफगानिस्तान से रची जा रही थी और तालिबान सरकार उन्हें रोकने में नाकाम रही।

दोहा समझौते का हवाला, अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील

पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह तालिबान पर दबाव बनाए ताकि उसकी जमीन का इस्तेमाल किसी दूसरे देश के खिलाफ न हो। साथ ही कहा कि अपने नागरिकों की सुरक्षा पाकिस्तान की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

पहले भी बढ़ चुका है तनाव

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच संबंध पिछले कुछ समय से तनावपूर्ण रहे हैं। पिछले साल अक्टूबर में दोनों पक्षों के बीच सीमावर्ती संघर्ष हुआ था, जिसमें पाकिस्तानी सेना के अनुसार 23 पाकिस्तानी सैनिक और 200 से अधिक अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए थे।

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