प्राथमिक-माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों के व्यवहार पर बहस, संवाद कौशल पर उठे गंभीर सवाल
पुष्पराजगढ़ के नगमला स्थित सरकारी स्कूल में शिक्षकों के व्यवहार और विद्यालय की व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। समय पर विद्यालय न खुलने, पढ़ाई प्रभावित होने और विद्यार्थियों की सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दे सामने आए हैं।

राजेंद्रग्राम. विकासखंड पुष्पराजगढ़ के अंतर्गत आने वाले एकीकृत माध्यमिक विद्यालय नगमला और शासकीय प्राथमिक विद्यालय नगमला के शिक्षकों के व्यवहार को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। जानकारी के अनुसार जब किसी संस्था के अधिकारी, कर्मचारी या पत्रकार विद्यालय में पहुंचते हैं तो शिक्षकों के बीच अचानक हलचल मच जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षकों का व्यवहार कई बार असहयोगपूर्ण रहता है। आरोप है कि पत्रकारों द्वारा जानकारी लेने के बजाय कई शिक्षक ही सवाल-जवाब करने लगते हैं और आने का कारण पूछते हुए बहस की स्थिति बना देते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक कुछ अतिथि शिक्षकों का व्यवहार भी अनुचित बताया गया है, जिनमें परिचय पूछे जाने पर स्पष्ट जानकारी न देने और मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग करने के आरोप लगाए गए हैं।
अतिथि शिक्षक द्वारा वीडियो रिकॉर्डिंग का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि एकीकृत माध्यमिक विद्यालय नगमला में एक अतिथि शिक्षक से नाम पूछे जाने पर उन्होंने अपना परिचय देने के बजाय मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि शिक्षकों का ध्यान रिकॉर्डिंग के बजाय पढ़ाई पर रहे तो विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिल सकती है।
कुछ ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि जब बच्चों से उनकी किताबों से प्रश्न पूछे गए तो कई छात्र जवाब नहीं दे पाए। इससे शिक्षा की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
समय पर नहीं खुलता विद्यालय, ग्रामीणों ने उठाए सवाल
ग्रामीणों के अनुसार कई बार विद्यालय समय पर नहीं खुलता और कुछ शिक्षक निर्धारित समय पर उपस्थित भी नहीं रहते। इसके अलावा यह भी आरोप है कि विद्यालय के शौचालय में ताला लगाए जाने के कारण विद्यार्थियों को बाहर जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से व्यवस्था सुधारने और शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने की मांग की है, ताकि विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल बन सके।




