विजयवर्गीय के शब्दों से बढ़ा सियासी पारा, CM ने तुरंत मांगी माफी
एमपी विधानसभा में कैलाश विजयवर्गीय की ‘औकात’ टिप्पणी पर भारी हंगामा, सात बार स्थगित हुई कार्यवाही। CM मोहन यादव ने मांगी माफी। भागीरथपुरा मौतों पर इस्तीफे की मांग और जांच में ई-कोलाई-कॉलरा की पुष्टि।

भोपाल. मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गुरुवार को नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की एक टिप्पणी पर सदन में जोरदार हंगामा हो गया। अदाणी समूह और सरकार के बीच बिजली समझौतों को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा उठाए गए सवालों के बीच बहस इतनी बढ़ी कि विधानसभा की कार्यवाही सात बार स्थगित करनी पड़ी। बाद में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए माफी मांगी, जबकि विजयवर्गीय ने भी अपने बयान पर खेद जताया।
अदाणी के नाम पर शुरू हुआ विवाद
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बिजली समझौतों को लेकर उद्योगपति गौतम अदाणी का नाम लेते हुए सवाल उठाए। इस पर मंत्री विश्वास सारंग ने आपत्ति दर्ज कराते हुए नाम कार्यवाही से हटाने की मांग की। विवाद के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने सिंघार से सबूत मांगे। जवाब में सिंघार ने कहा कि उनके पास प्रमाण हैं और वे सदन में पेश करेंगे।
‘अपनी औकात में रहो’ टिप्पणी से भड़का विपक्ष
बहस के तेज होने पर विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष से “अपनी औकात में रहने” की टिप्पणी कर दी। इस बयान के बाद कांग्रेस विधायकों ने तीखा विरोध शुरू कर दिया और सदन में नारेबाजी होने लगी।
सात बार स्थगित हुई विधानसभा
स्थिति बिगड़ने पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने हस्तक्षेप करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। हंगामे के चलते कार्यवाही सात बार स्थगित करनी पड़ी। सत्ता पक्ष के कुछ सदस्य अध्यक्ष की दीर्घा तक पहुंच गए, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
मुख्यमंत्री ने मांगी माफी, विजयवर्गीय ने जताया खेद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन में सभी की ओर से माफी मांगते हुए कहा कि वे संसदीय परंपराओं और मर्यादाओं के पक्षधर हैं। इसके बाद कैलाश विजयवर्गीय ने भी कहा कि उनका 37 साल का संसदीय अनुभव है और उन्हें अपने बयान पर खेद है। उन्होंने भविष्य में नेता प्रतिपक्ष की गरिमा का ध्यान रखने की बात कही।
कांग्रेस का सांकेतिक प्रदर्शन
बजट सत्र के चौथे दिन नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कांग्रेस विधायकों ने सरकार के खिलाफ विधानसभा परिसर में सांकेतिक प्रदर्शन भी किया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया।
भागीरथपुरा मौतों पर इस्तीफे की मांग
इससे पहले कांग्रेस ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर कैलाश विजयवर्गीय और उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के इस्तीफे की मांग की। विपक्ष ने इसे सिस्टम की विफलता बताते हुए “मौत नहीं, हत्या” करार दिया।
सरकार की ओर से इन आरोपों को खारिज करते हुए राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों का काम राहत और बचाव कार्य करना है, न कि इस्तीफे की मांगों पर प्रतिक्रिया देना।
जांच में ई-कोलाई और कॉलरा बैक्टीरिया की पुष्टि
राजेंद्र शुक्ल ने सदन में बताया कि भागीरथपुरा में 22 लोगों की मौत एक्यूट डायरिया से हुई। जांच रिपोर्ट में मरीजों के नमूनों में:
- ई-कोलाई
- कॉलरा बैक्टीरिया
- पाए गए हैं। जांच कोलकाता के नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन बैक्टीरियल इंफेक्शन, इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज और जिला लोक स्वास्थ्य प्रयोगशाला में हुई।




