PM मोदी: ‘स्टार्ट-अप्स की ताकत से भारत बना वैश्विक टॉप-3 इकोसिस्टम’
मन की बात 2026 के पहले एपिसोड में पीएम मोदी ने संविधान, युवा वोटर्स, स्टार्ट-अप, पर्यावरण संरक्षण और भारतीय संस्कृति पर अहम संदेश दिए।

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को माह के आखिरी रविवार को रेडियो कार्यक्रम मन की बात के जरिए देश को संबोधित किया। यह वर्ष 2026 का पहला संस्करण और कार्यक्रम का 130वां एपिसोड था। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने गणतंत्र दिवस, संविधान की भावना, युवा वोटर्स, स्टार्ट-अप इकोसिस्टम, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक पहलुओं पर विस्तार से बात की।
संविधान और पहली बार वोट देने वाले युवाओं पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि 26 जनवरी को देश गणतंत्र दिवस मनाएगा और यही दिन हमारे संविधान के लागू होने का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि जब भी कोई युवा पहली बार वोटर बने, तो समाज मिलकर उसका उत्सव मनाए। इससे मतदान को लेकर जागरूकता बढ़ेगी और लोकतंत्र में भागीदारी का महत्व और मजबूत होगा।
स्टार्ट-अप से जुड़े युवाओं को सलाम
पीएम मोदी ने एआई, स्पेस, न्यूक्लियर एनर्जी, सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भारतीय स्टार्ट-अप्स की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम बन चुका है और भारतीय उत्पादों की पहचान ‘टॉप क्वालिटी’ होनी चाहिए।
पर्यावरण संरक्षण की प्रेरक मिसालें
प्रधानमंत्री ने अयोध्या क्षेत्र की तमसा नदी के पुनर्जीवन का उल्लेख करते हुए बताया कि जनभागीदारी से प्रदूषणग्रस्त नदी को नया जीवन मिला। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में ‘अनंत नीरू संरक्षणम प्रोजेक्ट’ के तहत 10 से अधिक तालाबों के पुनर्जीवन और हजारों पेड़ लगाए जाने की पहल की भी प्रशंसा की।
‘भजन क्लबिंग’ और सांस्कृतिक जुड़ाव
पीएम मोदी ने कहा कि भजन और कीर्तन आज के युवाओं के बीच नए रूप में लोकप्रिय हो रहे हैं। ‘भजन क्लबिंग’ जैसे ट्रेंड से युवा आध्यात्मिकता को आधुनिक अंदाज में अपना रहे हैं, जो भारतीय संस्कृति की जीवंतता को दर्शाता है।
विदेशों में भारतीय संस्कृति की गूंज
प्रधानमंत्री ने मलेशिया में भारतीय समुदाय के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने तमिल स्कूलों, भारतीय भाषाओं के संरक्षण और ‘मलेशिया इंडिया हेरिटेज सोसाइटी’ की भूमिका का जिक्र किया, साथ ही ‘लाल पाड़ साड़ी’ वॉक के रिकॉर्ड का उल्लेख किया।
सामूहिकता की मिसाल: चांदनकी गांव
गुजरात के बेहराजी क्षेत्र के चांदनकी गांव की अनोखी कम्युनिटी किचन पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पहल पिछले 15 वर्षों से लोगों को जोड़ने और पारिवारिक भावना को मजबूत करने का काम कर रही है।




