मध्य प्रदेश

मुख्यमंत्री का बड़ा संदेश: नक्सलियों का अंत असंभव नहीं, बस मजबूत इच्छाशक्ति चाहिए

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को नक्सलमुक्त बनाना असंभव को संभव करने जैसा कार्य था, जिसे प्रदेश पुलिस ने अपने अनुशासन, साहस और प्रतिबद्धता से साकार किया। उन्होंने बताया कि इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी संतोष व्यक्त किया है।

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को नक्सलमुक्त बनाना असंभव को संभव करने जैसा कार्य था, जिसे प्रदेश पुलिस ने अपने अनुशासन, साहस और प्रतिबद्धता से साकार किया। उन्होंने बताया कि इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी संतोष व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने नक्सल उन्मूलन में योगदान देने वाले सभी पुलिस अधिकारियों और जवानों को बधाई देते हुए कहा कि पुलिस बल हर चुनौती के बीच अपने कर्तव्य पर पूरी निष्ठा और उत्साह के साथ डटा रहा है।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित IPS सर्विस मीट के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना एवं भारतीय पुलिस सेवा संघ के अध्यक्ष चंचल शेखर ने मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ एवं पौधा भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सलामी ली तथा आईपीएस अधिकारियों के साथ समूह फोटो भी हुआ। बाद में उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2025 प्रदेश सरकार के लिए उपलब्धियों से भरा रहा है। राष्ट्रविरोधी ताकतों, संगठित अपराध और नशे के अवैध कारोबार के लिए मध्यप्रदेश में कोई स्थान नहीं है। नशा विरोधी अभियानों और संगठित अपराध पर कार्रवाई में प्रदेश पुलिस ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि देशभक्ति और जनसेवा की भावना को और सुदृढ़ करते हुए मध्यप्रदेश को आंतरिक सुरक्षा का आदर्श राज्य बनाए रखना हम सभी का लक्ष्य है।

लोकतंत्र और कानून-व्यवस्था की रीढ़ है पुलिस

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र और कानून-व्यवस्था की मजबूती में पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। जल्द ही प्रदेश पुलिस को पदोन्नति और नई भर्तियों से जुड़ी स्वीकृतियों का समाचार मिलेगा। नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश पुलिस देश के लिए आदर्श उदाहरण बन रही है। साइबर अपराध सहित सभी संगठित गिरोहों पर सख्त निगरानी और त्वरित कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद और अपराध के गठजोड़ को लेकर देश को सतर्क किया है। बदलते समय के साथ परंपरागत तरीकों से आगे बढ़कर तकनीक-सक्षम, त्वरित निर्णय लेने वाली और जनसंवेदनशील पुलिस व्यवस्था विकसित करना आवश्यक है। वर्ष 2026 भविष्य की पुलिसिंग की दिशा तय करने का अवसर होगा।

नक्सलमुक्त प्रदेश में सीएम का मार्गदर्शन निर्णायक: डीजीपी मकवाना

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि प्रदेश को नक्सलमुक्त बनाने में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन और त्वरित निर्णयों की अहम भूमिका रही। उन्होंने बताया कि नक्सल ऑपरेशन के दौरान पुलिस निरीक्षक आशीष शर्मा का शहीद होना अत्यंत दुःखद रहा। मुख्यमंत्री की पहल पर शहीद के परिवार को एक करोड़ रुपये की सहायता और उनके छोटे भाई को उप निरीक्षक पद पर नियुक्ति दी गई।

डीजीपी ने बताया कि डायल-112 योजना का छह माह में प्रभावी क्रियान्वयन और नए आपराधिक कानूनों को लागू करना वर्ष 2025 की बड़ी उपलब्धियां रहीं। साइबर अपराध की चुनौतियों से निपटने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस लगातार स्वयं को सशक्त बना रही है।

नशामुक्ति, सिंहस्थ और साइबर सुरक्षा प्राथमिकता में

डीजीपी मकवाना ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 1 अप्रैल 2026 से देश को नारकोटिक्स मुक्त करने का अभियान शुरू किया जाएगा, जिसके लिए तीन वर्ष का लक्ष्य तय किया गया है। मध्यप्रदेश में “नशे से दूरी है जरूरी” अभियान को सफलतापूर्वक संचालित किया गया है।

उन्होंने कहा कि सिंहस्थ-2028, सड़क सुरक्षा और साइबर सक्षमता विकास प्रदेश पुलिस की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हैं। पुलिस कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए हॉर्टफुलनेस संस्था के सहयोग से विशेष कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।

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