MP News: मध्य प्रदेश में ठंड का डबल वार; कोहरा और शीतलहर, दिन में भी कांप रहे लोग
मध्यप्रदेश में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। ग्वालियर, रीवा, दतिया समेत कई जिलों में घना कोहरा और शीतलहर का असर, खजुराहो सबसे ठंडा, मुरैना में स्कूल बंद।

MP News: भोपाल. मध्यप्रदेश के उत्तरी हिस्से में सर्दी ने इस सीजन का सबसे सख्त रूप दिखाना शुरू कर दिया है। शुक्रवार सुबह ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा और शहडोल संभाग के 17 जिलों में मध्यम से घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता बेहद कम होने से दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने-जाने वाली करीब एक दर्जन ट्रेनें देरी से चल रही हैं। कोहरे के साथ-साथ ठंड ने भी रफ्तार पकड़ ली है। दतिया, रीवा समेत 7 जिलों में मौसम विभाग ने शीतलहर (कोल्ड वेव) का अलर्ट जारी किया है। हालात ऐसे हैं कि कई जगह दिन और रात के तापमान में फर्क लगभग खत्म हो गया है।
ग्वालियर-दतिया में दिन भी रात जितना ठंडा
गुरुवार को ग्वालियर और दतिया में दिन का तापमान 12 डिग्री से नीचे चला गया। यह इस सीजन में पहली बार हुआ, जब अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच मामूली अंतर दर्ज किया गया। ग्वालियर में पारा एक ही दिन में 7.8 डिग्री गिरकर 10.4 डिग्री तक पहुंच गया, जो न्यूनतम तापमान से महज 4.3 डिग्री ज्यादा रहा।
खजुराहो सबसे ठंडा, कई शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे
गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात छतरपुर जिले का खजुराहो प्रदेश में सबसे ठंडा दर्ज किया गया, जहां न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस रहा। दतिया में 3.9 डिग्री, शिवपुरी में 4 डिग्री और राजगढ़ में 5 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।
पचमढ़ी में 5.8 डिग्री, मंडला में 5.9 डिग्री, रीवा में 6 डिग्री, उमरिया में 6.4 डिग्री और सीधी व टीकमगढ़ में 6.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। अधिकतर शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे ही बना रहा।
इन जिलों में शीतलहर का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, मऊगंज और शहडोल में शीतलहर का प्रभाव बना रहेगा। शहडोल में ‘कोल्ड डे’ की स्थिति भी दर्ज की गई है, यानी दिनभर ठंड का असर बना रहेगा।
शनिवार को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में भी कोहरा छाए रहने की संभावना है। इसके बाद मौसम साफ होने और तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी के संकेत हैं।
बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा
बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल में रात का तापमान 8 डिग्री, इंदौर में 9.4 डिग्री, उज्जैन में 8.3 डिग्री और जबलपुर में 8.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मुरैना में आठवीं तक के स्कूलों की छुट्टी
मुरैना में घने कोहरे और कड़ाके की ठंड को देखते हुए कलेक्टर ने 9 और 10 जनवरी तक कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी हैं। जिले में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
रिकॉर्ड तोड़ सर्दी की ओर जनवरी
इस बार मध्यप्रदेश में सर्दी लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही है। नवंबर में 84 साल और दिसंबर में 25 साल का ठंड का रिकॉर्ड टूट चुका है। जनवरी की शुरुआत भी इसी ट्रेंड पर चल रही है। भोपाल में ठंड ने 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बार जनवरी में ‘माइनस जैसी’ ठंड महसूस की जा रही है, जिसमें घना कोहरा और शीतलहर दोनों साथ चल रहे हैं।
जनवरी क्यों होती है सबसे सर्द?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जैसे मानसून में जुलाई-अगस्त सबसे अहम होते हैं, वैसे ही सर्दी के लिहाज से दिसंबर और जनवरी सबसे प्रभावी महीने माने जाते हैं। इन दिनों उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा सक्रिय रहती हैं। पश्चिमी विक्षोभ के चलते जनवरी में मावठा पड़ने की संभावना भी रहती है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी, जबकि इस साल जनवरी की शुरुआत में ही बादलों की मौजूदगी दर्ज की गई।




