उत्तर प्रदेशराज्य

नकाब-हिजाब पर ‘नो बिजनेस’: लखनऊ से शुरू हुई नई व्यापार नीति

लखनऊ में सराफा व्यापारियों का बड़ा सुरक्षा फैसला—नकाब, हिजाब, हेलमेट या मास्क पहनकर आने वालों से नहीं होगा व्यापार। चोरी-लूट रोकने के लिए पूरे यूपी में मुहिम तेज।

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में सराफा बाजारों की सुरक्षा को लेकर एक नई और सख्त मुहिम तेज हो गई है। नकाब-हिजाब, घूंघट, हेलमेट या मास्क लगाकर आने वाले ग्राहकों से व्यापार न करने का फैसला अब Lucknow तक पहुंच गया है। इससे पहले झांसी में ज्वेलर्स ने दुकानों के बाहर पोस्टर लगाकर इस नियम को लागू किया था, अब राजधानी लखनऊ में भी इसे सख्ती से अपनाने का निर्णय लिया गया है।

सुरक्षा के मद्देनज़र लिया गया कड़ा कदम

यह फैसला Lucknow Mahanagar Sarafa Association की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। व्यापारियों का कहना है कि हाल के महीनों में सोने-चांदी की कीमतों में तेज उछाल आया है, जिससे सराफा बाजार अपराधियों के निशाने पर आ गया है। लूट, टप्पेबाजी और चोरी की कई घटनाओं में आरोपी चेहरा ढंककर आए, जिससे पहचान कर पाना मुश्किल हो गया।

हेलमेट और मास्क पर भी सख्ती

एसोसिएशन ने साफ किया है कि यह नियम केवल नकाब या हिजाब तक सीमित नहीं रहेगा। किसी भी तरह से चेहरा ढंककर आने वाले पुरुष या महिला ग्राहक—चाहे उन्होंने हेलमेट पहना हो या मास्क—उनसे पहले चेहरा दिखाने का अनुरोध किया जाएगा।
एसोसिएशन अध्यक्ष Manish Kumar Verma, जो All India Jewellers and Goldsmith Federation के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं, ने कहा कि इससे सीसीटीवी कैमरों में हर व्यक्ति की पहचान स्पष्ट रहेगी और संदिग्ध गतिविधियों पर लगाम लगेगी।

पूरे प्रदेश में मुहिम फैलाने की अपील

सराफा व्यापारियों ने पूरे उत्तर प्रदेश के ज्वेलर्स से इस फैसले के समर्थन में एकजुट होने की अपील की है। उनका मानना है कि लखनऊ से शुरू हुई यह पहल प्रदेशभर में ज्वेलरी बाजारों के लिए एक नया सुरक्षा प्रोटोकॉल बनेगी और अपराध की घटनाओं में प्रभावी कमी आएगी।

अपराधियों को पकड़ने वाले पुलिसकर्मी सम्मानित

बैठक के दौरान पुलिस और व्यापारियों के बीच समन्वय को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। जानकीपुरम के 60 फीटा रोड स्थित ज्वेलरी शॉप से अंगूठी चोरी के आरोपी को पकड़ने में तत्परता दिखाने पर जानकीपुरम थाना प्रभारी विनोद तिवारी को सम्मानित किया गया। व्यापारियों ने कहा कि पुलिस-व्यापारी तालमेल से ही अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

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