मध्य प्रदेश
रसायन मुक्त खेती पर जोर, कृषि रथ के जरिए किसानों को मिला प्रशिक्षण
कृषक कल्याण वर्ष 2026 के तहत हरदा में कृषि रथ से किसानों को प्राकृतिक खेती, उर्वरक प्रबंधन और नई फसल पद्धतियों की जानकारी दी जा रही है। 361 किसानों को सोलर पम्प का लाभ मिलेगा।

भोपाल. राज्य शासन द्वारा घोषित कृषक कल्याण वर्ष 2026 के तहत किसानों को आधुनिक एवं वैकल्पिक खेती की पद्धतियों से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में हरदा जिले की ग्राम पंचायतों में कृषि रथ के माध्यम से किसानों तक कृषि संबंधी नवाचार और योजनाओं की जानकारी पहुंचाई गई।
कृषि रथ से खेत-खेत पहुंची वैज्ञानिक सलाह
- कृषि रथ के साथ
- कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक
- कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी
- संबद्ध विभागों की टीम ने किसानों से सीधे संवाद कर उन्हें ई-विकास प्रणाली से उर्वरक क्रय करने के लिए जागरूक किया।
साथ ही किसानों को दी गई प्रमुख सलाह
- नरवाई प्रबंधन
- ग्रीष्मकालीन मूंग की जगह उड़द, मूंगफली और तिल की खेती
- प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाना
- मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार संतुलित उर्वरक उपयोग
- सूक्ष्म पोषक तत्वों का फसल अनुसार प्रयोग
प्राकृतिक और जैविक खेती पर जोर
किसानों को बताया गया कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। इसके विकल्प के रूप में प्राकृतिक और जैविक खेती को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
प्राकृतिक खेती के प्रमुख लाभ
- मिट्टी की उर्वरता में वृद्धि
- जल संरक्षण
- जैव विविधता का संरक्षण
- खेती की लागत में कमी
- किसानों की आय में बढ़ोतरी
- बेहतर गुणवत्ता की फसल
सोलर पम्प से सिंचाई होगी आसान
प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना के अंतर्गत हरदा जिले में सिंचाई सुविधा को मजबूत किया जा रहा है।
- 361 किसानों का चयन
- ऑफ-ग्रिड सोलर पम्प का वितरण
- दिन में निर्बाध सिंचाई
- कम लागत में खेती
- पर्यावरण संरक्षण में योगदान
यह कार्य मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम द्वारा किया जा रहा है।




