नागदा को लेकर बयान बना मुसीबत, न्यायालय ने लिया संज्ञान
KBC में नागदा को छोटा गांव बताने पर विवाद गहराया। अमिताभ बच्चन और सोनी नेटवर्क के CEO के खिलाफ JMFC कोर्ट में परिवाद दर्ज, 9 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई।

नागदा. सोनी टीवी के लोकप्रिय क्विज शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में नागदा को लेकर की गई टिप्पणी अब कानूनी विवाद में बदल गई है। 23 दिसंबर 2025 को प्रसारित एपिसोड में शो के होस्ट और महानायक अमिताभ बच्चन द्वारा नागदा को पानी की समस्या से जूझता “छोटा सा गांव” बताए जाने पर स्थानीय लोगों ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
इस मामले में नागदा के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMFC) न्यायालय में परिवाद दायर किया गया है। न्यायालय ने परिवाद स्वीकार करते हुए प्रकरण को CIS (Case Information System) में दर्ज करने और संबंधित थाने से प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 9 अप्रैल को तय की गई है।
अमिताभ बच्चन के साथ सोनी नेटवर्क के CEO भी बने पक्षकार
स्थानीय निवासी एवं अधिवक्ता लक्ष्मण सुंदरा ने न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर अमिताभ बच्चन के साथ-साथ सोनी पिक्चर्स नेटवर्क के CEO गौरव बैनर्जी के खिलाफ भी अपराध दर्ज करने की मांग की है।
अब अगली सुनवाई में न्यायालय द्वारा आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
शहर की छवि धूमिल करने का आरोप
प्रकरण की पैरवी कर रहे अधिवक्ता राजेश मंडवारिया (आलोट) और दीपमाला अवाना (नागदा) का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में नागदा के बारे में गलत और भ्रामक जानकारी दी गई, जिससे शहर की छवि प्रभावित हुई है। अधिवक्ता जैना श्रीमाल के अनुसार नागदा को “छोटा गांव” और “पानी संकटग्रस्त” बताना तथ्यात्मक रूप से गलत है।
औद्योगिक और रेलवे हब के रूप में नागदा की पहचान
परिवाद में उल्लेख किया गया है कि नागदा:
- मालवा क्षेत्र का प्रमुख रेलवे जंक्शन है
- शहर की आबादी डेढ़ लाख से अधिक है
- एक विकसित औद्योगिक नगर के रूप में पहचान रखता है
- आवेदन में यह भी कहा गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तीन बार नागदा को जिला बनाने की घोषणा कर चुके हैं।
9 अप्रैल को अगली सुनवाई
न्यायालय द्वारा मामला दर्ज करने के बाद अब सभी पक्षों की नजर 9 अप्रैल को होने वाली सुनवाई पर टिकी है, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया स्पष्ट होगी।




