उत्तर प्रदेश

स्वास्थ्य शिक्षा पर सरकार का दावा—अब गुणवत्ता और सुविधाओं में कोई समझौता नहीं

केजीएमयू के दीक्षांत समारोह में जेपी नड्डा ने डॉक्टरों से विदेश न जाने की अपील की। बोले—अब देश में सुविधाएं और आधारभूत ढांचा पर्याप्त, 23 एम्स इसकी मिसाल।

लखनऊ. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने चिकित्सकों और मेडिकल छात्रों से अपील की है कि वे अब सुविधाओं और आधारभूत ढांचे की कमी का हवाला देकर विदेश न जाएं। उन्होंने कहा कि आज देश में चिकित्सा शिक्षा और उपचार के लिए पर्याप्त संस्थान, संसाधन और आधुनिक आधारभूत ढांचा उपलब्ध है।

‘अब सुविधाओं की कमी का बहाना न बनाएं’

शनिवार को किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के 21वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए नड्डा ने कहा, “जो बाहर जाना चाहते हैं, वे जाएं, लेकिन यह कहकर न जाएं कि यहां सुविधाएं नहीं हैं या आधारभूत ढांचा नहीं है। आज संस्थान भी हैं, सुविधाएं भी हैं और इंफ्रास्ट्रक्चर भी है—इनका उपयोग करिए।”

एम्स की संख्या में ऐतिहासिक बढ़ोतरी

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 20वीं सदी के अंत तक देश में सिर्फ एक ही अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान था। “उस समय जब मेधावी छात्र विदेश जाते थे, तो सुविधाओं की कमी का हवाला देते थे। लेकिन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में 23 एम्स हैं। इसलिए अब विद्यार्थी यह शिकायत नहीं कर सकता कि सुविधाएं या आधारभूत ढांचा उपलब्ध नहीं है,” उन्होंने कहा।

दीक्षांत समारोह: परिश्रम और सेवा का उत्सव

नड्डा ने दीक्षांत समारोह को एक स्वर्णिम अवसर बताते हुए कहा कि यह विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, मानवता की सेवा और चिकित्सा के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करने का अवसर है।

उन्होंने छात्रों, संकाय सदस्यों और अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि हमारी संस्कृति में बच्चों की परवरिश तपस्या के समान होती है और ऐसी सफलता माता-पिता के लिए गर्व का क्षण होती है।

‘मरीज आपके हाथों जीवन की उम्मीद लेकर आता है’

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “केजीएमयू में काम करना अपने आप में सौभाग्य की बात है। आपने अपने हुनर, मेहनत और प्रतिबद्धता से असंभव को संभव कर दिखाया है। मरीज जब आपके पास आता है, तो वह अपने जीवन की सुरक्षा की उम्मीद लेकर आता है।”

केजीएमयू की उपलब्धियों की सराहना

नड्डा ने कॉर्निया, लीवर और किडनी प्रतिरोपण के क्षेत्र में केजीएमयू की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का गौरवशाली इतिहास रहा है और दुनिया भर में उसकी साख है।

“अगर यह कहा जाए कि केजीएमयू ने न सिर्फ देश बल्कि पूरी दुनिया में मानवता की सेवा की है, तो यह अतिशयोक्ति नहीं होगी,” उन्होंने कहा।

कई प्रमुख हस्तियों की रही मौजूदगी

दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता आनंदीबेन पटेल ने की। इस अवसर पर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और राज्य मंत्री मंकेश्वर शरण सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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