सर्दियों की ठंड और जोड़ों की तकलीफ़: वजह भी, बचाव भी
जोड़ों के दर्द के कारण, बचाव के उपाय और सर्दियों में विशेष देखभाल के टिप्स। जानिए स्वस्थ हड्डियों के लिए जरूरी पोषक तत्व और कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
जोड़ों का दर्द एक आम लेकिन परेशान करने वाली समस्या है, जो शरीर के किसी भी जोड़ में हो सकती है। जोड़ वह बिंदु होता है जहाँ दो या अधिक हड्डियाँ मिलती हैं। जोड़ों के दर्द को चिकित्सकीय भाषा में अर्थराइटिस या अर्थरैल्जिया कहा जाता है। यह दर्द हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकता है और अक्सर जोड़ हिलाने-डुलाने पर बढ़ जाता है।
सामान्य दर्द को खानपान और जीवनशैली में बदलाव से नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन गंभीर स्थिति में चिकित्सकीय उपचार जरूरी हो जाता है। अनुमानों के अनुसार, हर चार में से एक व्यक्ति जोड़ों के दर्द से प्रभावित है और यह समस्या पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक पाई जाती है।
क्यों होता है जोड़ों का दर्द
जोड़ों के दर्द के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें प्रमुख हैं—
- बोन फ्लूइड या जॉइंट मेम्ब्रेन में बदलाव
- चोट लगना या किसी अंदरूनी बीमारी का पनपना
- अर्थराइटिस, मोटापा, हड्डियों या ब्लड कैंसर
- बढ़ती उम्र के साथ कार्टिलेज का घिसना और लुब्रीकेंट का कम होना
- लिगामेंट्स की लंबाई और लचीलापन घटने से जोड़ अकड़ना
जोड़ों को स्वस्थ कैसे रखें
- जोड़ों के दर्द, विशेषकर अर्थराइटिस का स्थायी इलाज तो नहीं है, लेकिन कुछ उपाय अपनाकर इसके जोखिम और लक्षणों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
- पर्याप्त पानी पिएं: कार्टिलेज लगभग 70% पानी से बने होते हैं, इसलिए शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है।
- कैल्शियम युक्त आहार: दूध, दही, पनीर, ब्रोकली, पालक, सालमन, राजमा, मूंगफली, बादाम, टोफू आदि का सेवन करें।
- विटामिन C और D: संतरा, स्ट्रॉबेरी, कीवी, पाइनएप्पल, फूलगोभी, ब्रोकली, पत्तागोभी, दूध, दही और मछलियाँ शामिल करें। धूप में कुछ समय बिताएं।
- वजन नियंत्रित रखें: अधिक वजन से घुटनों, टखनों और कुल्हों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
- नियमित व्यायाम और योग: हल्के-फुल्के व्यायाम जोड़ों की जकड़न कम करते हैं।
- शराब और धूम्रपान से परहेज: ये जोड़ों और मांसपेशियों को नुकसान पहुँचाते हैं।
- सूजन कम करने वाले खाद्य पदार्थ: अदरक, हल्दी का सेवन लाभकारी है।
- संतुलित जीवनशैली: नमक, चीनी, ट्रांस फैट, लाल मांस और कैफीन का सेवन सीमित रखें।
सर्दियों में रखें विशेष ध्यान
सर्दियों में जोड़ों का दर्द अधिक बढ़ जाता है क्योंकि इस मौसम में शारीरिक सक्रियता कम हो जाती है।
- नियमित व्यायाम जारी रखें, लेकिन अत्यधिक ठंड में बाहर टहलने से बचें
- शरीर को गर्म कपड़ों से ढंककर रखें
- प्रतिदिन 8–10 गिलास पानी जरूर पिएं
- दर्द वाले हिस्से को गर्म कपड़े से सेंकें
- ठंडी चीजों के बजाय गर्म और पौष्टिक भोजन लें
- लहसुन, प्याज, गुड़, बादाम, काजू, सालमन मछली का सेवन करें
- दवाइयाँ डॉक्टर की सलाह अनुसार नियमित लें
कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
यदि जोड़ों के दर्द के साथ ये लक्षण दिखें, तो देर न करें—
- जोड़ में सूजन या लालपन
- जोड़ का उपयोग करने में कठिनाई
- असहनीय या लगातार बढ़ता दर्द
स्वस्थ हड्डियों के लिए जरूरी पोषक तत्व
- स्वस्थ हड्डियों के लिए केवल कैल्शियम और विटामिन D ही नहीं, बल्कि अन्य पोषक तत्व भी आवश्यक हैं।
- कैल्शियम: शरीर का 99% कैल्शियम हड्डियों में संग्रहित रहता है। प्रतिदिन 1000–1200 मि.ग्रा. कैल्शियम आवश्यक है।
- विटामिन D: धूप, दूध, अंडा, चिकन, सालमन, ट्यूना, मैकेरल इसके अच्छे स्रोत हैं।
- पोटेशियम: शकरकंद, छिलके सहित आलू, दही, केला।
- मैग्नीशियम: पालक, चुकंदर, टमाटर, आलू, किशमिश।
- प्रोटीन: हड्डियों, मांसपेशियों और लिगामेंट्स के लिए जरूरी। रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं में इसकी कमी से ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ता है।
- विटामिन C और K: संतरा, ब्रोकली, स्ट्रॉबेरी, अंकुरित अनाज, पपीता, पालक, सरसों, मैथी आदि।




