छत्तीसगढ़

आत्मनिर्भर गांवों की दिशा में जीरामजी योजना: निहारिका बारीक

रायपुर. पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारीक ने गरियाबंद जिले के राज्यपाल रामेन डेका के गोद ग्राम बिजली (मड़वाडीह) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्राम में संचालित विकास योजनाओं, आजीविका गतिविधियों और मूलभूत सुविधाओं की प्रगति का गहन अवलोकन किया।

अधिकारियों के साथ योजनाओं की प्रगति पर चर्चा

निरीक्षण के अवसर पर कलेक्टर बी.एस. उईके, प्रधानमंत्री आवास मिशन के निदेशक तारण प्रकाश सिन्हा, एसबीएम एवं एनआरएलएम के निदेशक अश्वनी देवांगन, संयुक्त सचिव एस. आलोक तथा जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

125 दिन की कार्य अवधि, समयबद्ध मजदूरी भुगतान पर जोर

प्रमुख सचिव ने ग्रामीणों और महिला स्व-सहायता समूहों से संवाद करते हुए आजीविका गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने विकसित भारत–ग्राम योजना के तहत कार्य अवधि को 100 से बढ़ाकर 125 दिन किए जाने की जानकारी दी और स्पष्ट किया कि मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर या कार्य समाप्ति के 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए।

महिला स्व-सहायता समूहों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि

स्व-सहायता समूह की सदस्य मिथलेश्वरी ध्रुव ने बताया कि डेढ़ लाख रुपये के ऋण से 1200 फीट की सेंट्रिंग प्लेट खरीदी गई, जिससे प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत एक साथ चार आवासों का निर्माण संभव हुआ। चार माह में लगभग 30 लाख रुपये की आय अर्जित होने की जानकारी दी गई। प्रमुख सचिव ने जिले में लखपति दीदियों की बढ़ती संख्या को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण का सकारात्मक संकेत बताया।

जल जीवन मिशन और महिला एफपीसी गतिविधियों का अवलोकन

निरीक्षण के दौरान जल जीवन मिशन के अंतर्गत घर-घर जल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही जय फणीश्वर एग्रो महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा “त्रिवेणी” ब्रांड के तहत हल्दी और मिर्च की पैकिंग व विपणन गतिविधियों का अवलोकन किया गया। समूह ने अब तक 50 किलोग्राम से अधिक उत्पाद का विक्रय कर आय अर्जित की है। प्रमुख सचिव ने नकदी फसलों—मिर्च और हल्दी—की खेती बढ़ाने का सुझाव दिया।

आंगनबाड़ी, आवास और स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा

प्रमुख सचिव ने आंगनबाड़ी केंद्र में गर्म भोजन, स्वच्छता, बच्चों की उपस्थिति और कुपोषण की स्थिति की जानकारी ली। इसके साथ ही पूर्ण आवास निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए हितग्राही रामेश्वर पटेल के आवास का निरीक्षण किया। ग्राम में कचरा प्रबंधन, डोर-टू-डोर संग्रहण, सफाई कर्मियों के भुगतान और डिजिटल सुविधा केंद्र के संचालन की भी समीक्षा की गई।

श्यामनगर आजीविका केंद्र में पारंपरिक रोजगार की सराहना

इसके बाद ग्राम श्यामनगर के आजीविका केंद्र का निरीक्षण किया गया, जहां उगता सूरज, जय ठाकुर देव और जय महामाया स्व-सहायता समूह द्वारा सिलयारी पत्तों से पारंपरिक दोना–पत्तल निर्माण किया जा रहा है। इस पहल की सराहना करते हुए प्रमुख सचिव ने कहा कि महिलाएं आज परिवार की आर्थिक रीढ़ बन चुकी हैं।

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