विकास की रफ्तार तेज: विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर ने पकड़ी पावर हब की राह
छत्तीसगढ़ के जशपुर में साय सरकार के नेतृत्व में बिजली ढांचे को बड़ी मजबूती। हर्राडांड में 400/220 केवी उपकेंद्र, नए सब-स्टेशन, मिनी डिपो और 117 ट्रांसफार्मरों से निर्बाध बिजली व विकास को नई रफ्तार।
रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी और जनहितकारी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के विद्युत अधोसंरचना क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की जा रही है। बीते दो वर्षों में जशपुर जिला बिजली ढांचे के सशक्तिकरण की दिशा में एक पावर हब के रूप में उभरकर सामने आया है। रणनीतिक और दीर्घकालिक निर्णयों के चलते बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण व्यवस्था मजबूत हुई है, जिससे शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है।
हर्राडांड में 400/220 केवी उपकेंद्र को मंजूरी
राज्य सरकार ने जशपुर जिले के हर्राडांड में प्रदेश के पांचवें 400/220 केवी उच्च क्षमता विद्युत उपकेंद्र की स्थापना को स्वीकृति दी है। निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होगा। यह उपकेंद्र न केवल जशपुर बल्कि पूरे सरगुजा संभाग की विद्युत आपूर्ति को सुदृढ़ करेगा।
132/33 केवी उपकेंद्र और 33/11 केवी सब-स्टेशन से लोड बैलेंस बेहतर
फरसाबहार और झिक्की-बगीचा में 132/33 केवी उपकेंद्रों की स्थापना को मंजूरी दी गई है, जिससे बढ़ते विद्युत भार का संतुलन बेहतर होगा। इसके साथ ही सलिहाटोली, विपतपुर, भगोरा, समडमा, मैनी, रेड़े (पथलगांव), पालीडीह, खुटेरा और चेटवा में 33/11 केवी सब-स्टेशनों के निर्माण हेतु करोड़ों रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। सभी परियोजनाओं की प्रक्रियाएं पूर्ण कर निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।
कुनकुरी को मिला मिनी डिपो स्टोर, सप्लाई में आई तेजी
मुख्यमंत्री की पहल पर कुनकुरी विकासखंड में उप-क्षेत्रीय भंडार (मिनी डिपो स्टोर) की स्वीकृति दी गई है। इसके चालू होने से जले/खराब ट्रांसफार्मरों के प्रतिस्थापन में लगने वाला समय और लागत दोनों घटे हैं; विश्रामपुर और सूरजपुर जैसे दूरस्थ भंडारों पर निर्भरता समाप्त हुई है।
प्रशासनिक ढांचे का सशक्तिकरण
विद्युत प्रशासन को प्रभावी बनाने के लिए कुनकुरी में वृत्त कार्यालय, संभागीय कार्यालय, एसटीएम व सतर्कता संभागीय कार्यालय, वितरण भंडार, तपकरा उप-संभागीय कार्यालय तथा वितरण केंद्र कुनकुरी स्थापित किए गए हैं। इससे निगरानी, रखरखाव और उपभोक्ता सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
117 नए ट्रांसफार्मर, लो वोल्टेज से राहत
ग्रामीण व दूरस्थ इलाकों में वर्षों पुरानी लो वोल्टेज समस्या के समाधान हेतु 117 नए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। इससे किसानों को सिंचाई, घरेलू उपभोक्ताओं, व्यापारियों और लघु उद्योगों को स्थिर बिजली का लाभ मिल रहा है।
बिजली से विकास को नई रफ्तार
जिलेवासियों के अनुसार, जशपुर को मिली विद्युत सौगातों से कृषि, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग में विकास तेज हुआ है। निर्बाध बिजली से आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट दिख रहा है।
निस्संदेह, साय सरकार की ये पहलें जशपुर को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाते हुए राज्य के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।



