बिना पद बताए परीक्षा! RPSC की डिप्टी कमांडेंट भर्ती पर उठे गंभीर सवाल
RPSC डिप्टी कमांडेंट भर्ती पर संकट, 4 पदों के लिए परीक्षा में सिर्फ 255 अभ्यर्थी शामिल। एक्स-कैप्टन योग्यता न पूरी होने पर सभी पद खाली रहने की आशंका।

जयपुर. राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा 11 जनवरी 2026 को आयोजित डिप्टी कमांडेंट (गृह रक्षा विभाग) भर्ती परीक्षा पर अब संकट के बादल मंडराने लगे हैं। परीक्षा के लिए 17 केंद्र बनाए गए थे, लेकिन कुल 255 अभ्यर्थी ही परीक्षा में शामिल हुए। जबकि आवेदन करने वालों की संख्या हजारों में थी।
4 पद, लेकिन योग्यता पूरी करने वाले गिनती के
आयोग ने कुल 4 पदों के लिए भर्ती निकाली थी, जिनमें:
- ओबीसी – 1 पद
- एसटी – 1 पद
- एससी – 2 पद
इस भर्ती के लिए आर्मी का एक्स-कैप्टन होना अनिवार्य योग्यता थी। एक्स-सर्विसमैन श्रेणी से 34 लोगों ने आवेदन किया, लेकिन वे सभी निर्धारित योग्यता पर खरे उतरते हैं या नहीं, और उन्होंने परीक्षा दी या नहीं—इस पर स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं है।
योग्यता पूरी न हुई तो सभी पद रह जाएंगे खाली
यदि इन 34 एक्स-सर्विसमैन अभ्यर्थियों में से कोई भी आरपीएससी की योग्यता शर्तें पूरी नहीं करता है, तो भर्ती के सभी 4 पद खाली रह जाने की आशंका है। खास बात यह रही कि जिन वर्गों के लिए पद ही नहीं थे, वहां से भी सैकड़ों लोगों ने आवेदन कर दिए और कई परीक्षा में भी बैठे।
भर्ती और परीक्षा से जुड़े चौंकाने वाले तथ्य
- EWS, जनरल और MBC वर्ग में कोई पद नहीं, फिर भी सैकड़ों आवेदन
- ST का 1 पद, आवेदन 791, लेकिन एक्स-सर्विसमैन सिर्फ 1
- SC के 2 पद, आवेदन करीब 1000, एक्स-सर्विसमैन केवल 3
भर्ती निकलते ही 10 हजार से ज्यादा आवेदन
- चेतावनी के बाद 6 हजार अभ्यर्थियों ने फॉर्म विड्रॉ किए
- 4221 कैंडिडेट्स के लिए परीक्षा व्यवस्था, पहुंचे सिर्फ 255
- परीक्षा एक ही केंद्र पर संभव थी, लेकिन ज्यादा फॉर्म के कारण 17 सेंटर बनाने पड़े
- अनुमानित खर्च 1 लाख, लेकिन वास्तविक खर्च करीब 20 लाख रुपये
मार्च 2025 में जारी हुआ था विज्ञापन
आरपीएससी ने 18 मार्च 2025 को गृह रक्षा विभाग में डिप्टी कमांडेंट के 4 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। इसके लिए 24 मार्च से 22 अप्रैल 2025 तक ऑनलाइन आवेदन लिए गए।
योग्यता के अनुसार केवल सेना के कैप्टन स्तर के सेवानिवृत्त या त्यागपत्र देने वाले अधिकारी, अथवा इमरजेंसी/शॉर्ट सर्विस कमीशन से मुक्त अधिकारी ही पात्र थे।
बिना योग्यता के भी भर दिए गए हजारों फॉर्म
भर्ती प्रक्रिया में बड़ी संख्या में अयोग्य अभ्यर्थियों ने भी आवेदन कर दिया। जांच के बाद आयोग ने फॉर्म विड्रॉ करने का मौका दिया और ऐसा न करने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 217 के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके बाद करीब 6 हजार लोगों ने आवेदन वापस ले लिए।




