ट्रॉफी जीतने के बाद ईशान किशन का आत्मविश्वास: ‘यह तो बस शुरुआत है’
ईशान किशन की कप्तानी में झारखंड ने पहली बार सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जीती। फाइनल में ईशान के शतक से हरियाणा को 69 रन से हराया, टूर्नामेंट में 517 रन बनाकर रहे टॉप स्कोरर।
रांची. ईशान किशन की कप्तानी में झारखंड ने गुरुवार को पुणे में खेले गए फाइनल मुकाबले में हरियाणा को हराकर सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी अपने नाम कर ली। यह झारखंड की इस प्रतिष्ठित घरेलू टी20 टूर्नामेंट में पहली खिताबी जीत है, जिससे राज्यभर के क्रिकेट प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। राजधानी रांची लौटने पर कप्तान ईशान किशन का भव्य स्वागत किया गया।
जीत के बाद बोले ईशान—टीम ने शानदार खेल दिखाया
मीडिया से बातचीत में ईशान किशन ने कहा, “हमारी टीम ने बहुत अच्छा खेला। बहुत आनंद आया। आगे भी कई मैच होंगे और हम जीतते रहेंगे। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जीतकर हम बेहद खुश हैं।”
फाइनल में ईशान का शतक, हरियाणा 69 रन से हारा
फाइनल मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए झारखंड ने 262 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। कप्तान ईशान किशन ने 49 गेंदों में 101 रन की तूफानी पारी खेली। जवाब में हरियाणा की टीम 193 रन पर सिमट गई और मुकाबला 69 रन से हार गई। शानदार प्रदर्शन के लिए ईशान किशन को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
पूरे टूर्नामेंट में रहा ईशान का दबदबा
ईशान किशन ने पूरे टूर्नामेंट में कप्तान और बल्लेबाज—दोनों भूमिकाओं में शानदार प्रदर्शन किया।
- मैच: 10
- पारियां: 10
- रन: 517
- शतक: 2
- अर्धशतक: 2
- स्ट्राइक रेट: 197.32
- सर्वश्रेष्ठ स्कोर: नाबाद 113
इस दमदार प्रदर्शन के साथ ईशान टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर रहे।
भारतीय टीम में वापसी की उम्मीद
कप्तान और बल्लेबाज के रूप में प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद ईशान किशन की भारतीय टीम में वापसी की उम्मीदें एक बार फिर मजबूत हुई हैं। हालांकि, उन्होंने निरंतरता को ही सफलता की कुंजी बताया।
चयन न होने पर हुआ था दुख, मेहनत को बनाया मंत्र
फाइनल के बाद ईशान ने कहा था, “मैं अच्छा प्रदर्शन कर रहा था, इसलिए जब भारतीय टीम में चयन नहीं हुआ तो बुरा लगा। तब लगा कि शायद मुझे और मेहनत करनी होगी। निराशा पीछे ले जाती है, इसलिए कड़ी मेहनत और खुद पर भरोसा बनाए रखना जरूरी है। मेरा काम सिर्फ अच्छा प्रदर्शन करते रहना है।”
2024 से टीम इंडिया से बाहर
बाएं हाथ के विस्फोटक विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन 2024 की शुरुआत से भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनके हालिया प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान जरूर खींचा है।




