न्यूक्लियर नेगोशिएशन में नया ट्विस्ट, ईरान तैयार पर शर्तें कड़ी
ईरान ने अमेरिका के साथ परमाणु समझौते की दिशा में आगे बढ़ने की इच्छा जताई है, लेकिन शर्त रखी है कि पहले प्रतिबंध हटाए जाएं। यूरेनियम संवर्धन और मिसाइल कार्यक्रम को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद बरकरार।

ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम पर समझौते की संभावना जताई है। तेहरान का कहना है कि वह अमेरिका के साथ वार्ता आगे बढ़ाने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए वाशिंगटन को पहले प्रतिबंध हटाने होंगे। ईरान के उप विदेश मंत्री माजिद तख्त-रवांची ने कहा कि समझौते की इच्छा साबित करने की जिम्मेदारी अमेरिका पर है। यदि प्रतिबंधों में राहत मिलती है तो तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर सीमाएं लगाने पर चर्चा कर सकता है।
यूरेनियम संवर्धन बना सबसे बड़ा विवाद
यूरेनियम संवर्धन को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद जारी हैं। अमेरिका पहले शून्य संवर्धन की मांग कर चुका है, लेकिन ईरान ने इसे चर्चा से बाहर बताते हुए खारिज कर दिया। तेहरान का कहना है कि परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के तहत उसे संवर्धन का अधिकार है। ईरान ने यह भी साफ कर दिया कि उसका बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम किसी भी वार्ता का हिस्सा नहीं होगा।
ओमान के बाद जिनेवा में वार्ता का दूसरा दौर
फरवरी की शुरुआत में ओमान में हुई अप्रत्यक्ष वार्ता के बाद अब दूसरा दौर जिनेवा में होने जा रहा है। शुरुआती बातचीत को दोनों पक्षों ने सकारात्मक बताया है, हालांकि अंतिम नतीजे को लेकर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी माना जा रहा है।
ईरान ने अपने 60 प्रतिशत संवर्धित यूरेनियम के भंडार को कम करने के प्रस्ताव को लचीलेपन के संकेत के तौर पर पेश किया है।
2015 जैसे समझौते पर सस्पेंस बरकरार
यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान सभी प्रतिबंध हटाने की मांग करेगा या आंशिक राहत पर भी राजी होगा। उच्च संवर्धित यूरेनियम के भंडार को बाहर भेजने जैसे मुद्दों पर भी फिलहाल कोई ठोस संकेत नहीं दिया गया है।
अमेरिका बोला– ईरान से डील करना ‘बहुत मुश्किल’
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समझौते को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन ईरान के साथ डील करना बेहद मुश्किल है। अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि तेहरान वार्ता की प्रगति में बाधा डाल रहा है।
ट्रंप की सख्त चेतावनी, ईरान का पलटवार
राष्ट्रपति ट्रंप पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि समझौता नहीं होने पर परिणाम “बेहद गंभीर” होंगे और बल प्रयोग भी किया जा सकता है। इसके जवाब में ईरान ने भी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए हमले की स्थिति में पलटवार की बात कही है।




