भारत-अमेरिका व्यापार में नया मोड़: दाल पर 30% टैक्स हटाने को लेकर ट्रंप को चिट्ठी
भारत-अमेरिका ट्रेड डील के पहले चरण की बातचीत के बीच अमेरिकी सीनेटरों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पत्र लिखकर भारत से पीली मटर पर लगे 30% टैक्स हटाने की मांग की है। सीनेटरों ने ट्रेड एग्रीमेंट में दलहन फसलों के लिए अनुकूल प्रावधान शामिल करने का आग्रह किया।

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील के पहले चरण की बातचीत लगभग पूरी होने की खबरों के बीच अब इस प्रक्रिया पर राजनीतिक दबाव बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी सीनेटरों के एक समूह ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पत्र लिखकर भारत से अमेरिकी पीली मटर (दलहन) पर लगाए गए 30 प्रतिशत टैरिफ को हटाने की मांग की है।
सीनेटरों ने अपने पत्र में भारत-अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट में “दलहन फसलों के लिए अनुकूल प्रावधान” शामिल करने पर जोर दिया है। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप से आग्रह किया कि बातचीत के दौरान यह सुनिश्चित किया जाए कि भारत पीली मटर पर लगाया गया 30% टैक्स हटाए, ताकि अमेरिकी किसान अपने उत्पाद भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धी कीमत पर बेच सकें।
भारत दुनिया का सबसे बड़ा दाल उपभोक्ता
पत्र में उल्लेख किया गया है कि नॉर्थ डकोटा और मोंटाना अमेरिका में मटर समेत दलहन फसलों के शीर्ष उत्पादक राज्य हैं, जबकि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दाल उपभोक्ता है। वैश्विक दाल खपत में भारत की हिस्सेदारी करीब 27 प्रतिशत बताई गई है। मेरिकी सीनेटरों का कहना है कि जैसे-जैसे संयुक्त राज्य अमेरिका वैश्विक व्यापार में असमानताओं को दूर करने की कोशिश कर रहा है, अमेरिकी किसान इस मांग को पूरा करने के लिए तैयार हैं।
अमेरिकी उत्पादकों को हो रहा नुकसान
सीनेटरों ने बताया कि भारत ने 30 अक्टूबर 2025 को पीली मटर पर 30% टैरिफ लगाने का फैसला किया, जो 1 नवंबर 2025 से लागू हुआ। इसके चलते अमेरिकी दाल उत्पादकों को भारतीय बाजार में अपने हाई-क्वालिटी उत्पादों के निर्यात में भारी प्रतिस्पर्धात्मक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पहले भी उठ चुका है मुद्दा
पत्र में यह भी याद दिलाया गया कि ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान 2020 में भी यह मुद्दा उठाया गया था। उस समय ट्रेड बातचीत के दौरान ट्रंप ने यह पत्र खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपा था, जिससे अमेरिकी उत्पादकों को बातचीत की प्रक्रिया में जगह मिल सकी थी।
सीनेटरों का कहना है कि अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए वैश्विक बाजार के अवसर बढ़ाना बेहद जरूरी है। यदि ट्रेड डील में दलहनों पर टैरिफ से जुड़ा समाधान निकलता है, तो इससे न केवल अमेरिकी किसानों को फायदा होगा, बल्कि भारतीय उपभोक्ताओं को भी बेहतर आपूर्ति और कीमतों का लाभ मिल सकेगा।




