संकट में साथ: दित्वा चक्रवात से हुए नुकसान के बाद भारत की त्वरित मदद श्रीलंका पहुँची
चक्रवात दित्वा के बाद भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत श्रीलंका को मानवीय और बुनियादी ढांचा सहायता प्रदान की। कोलंबो, नेगोम्बो और अन्य क्षेत्रों में राहत अभियान चलाए गए।
कोलंबो. भारत, चक्रवात ‘दित्वा’ से हुए व्यापक विनाश के बाद श्रीलंका को उबरने में हरसंभव सहयोग प्रदान कर रहा है। मानवीय सहायता के साथ-साथ बुनियादी ढांचे की बहाली के लिए भी भारत की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
ऑपरेशन सागर बंधु के तहत सहायता
ऑपरेशन सागर बंधु के अंतर्गत भारत ने प्रभावित समुदायों की मदद और क्षतिग्रस्त संपर्क सुविधाओं को बहाल करने के लिए इंजीनियरिंग एवं चिकित्सकीय दल तैनात किए हैं। इन दलों द्वारा जमीनी स्तर पर राहत, उपचार और पुनर्निर्माण से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं।
विभिन्न क्षेत्रों में चलाया गया मानवीय अभियान
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया कि श्रीलंका को भारत की निरंतर सहायता के तहत भारतीय उच्चायोग, कैंडी स्थित सहायक उच्चायोग और जाफना स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने चक्रवात से प्रभावित परिवारों के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में मानवीय सहायता अभियान संचालित किए।
कोलोनावा और इस्कॉन मंदिर में राहत वितरण
विज्ञप्ति के अनुसार, 18 दिसंबर को भारत के उच्चायुक्त संतोष झा ने कोलोनावा में ‘ऑल सीलोन सूफी स्पिरिचुअल एसोसिएशन’ के सहयोग से प्रभावित परिवारों के बीच राहत किट वितरित कीं। इसके साथ ही उन्होंने इस्कॉन मंदिर, कोलंबो स्थित भक्तिवेदांत चिल्ड्रन होम ‘गोकुलम’ के बच्चों को भी सहायता प्रदान की।
नयनलोकगामा और नेगोम्बो में भी पहुंची मदद
विज्ञप्ति में यह भी बताया गया कि इस महीने की शुरुआत में उच्चायुक्त ने दृष्टिबाधित लोगों के गांव नयनलोकगामा के निवासियों और नेगोम्बो में चक्रवात से प्रभावित परिवारों के बीच भी राहत सामग्री वितरित की।




