किसान हितों की दिशा में बड़ा कदम: IGKV के उत्पाद विक्रय काउंटर पर ICAR प्रमुख की नजर
ICAR के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट ने IGKV रायपुर के उत्पाद विक्रय काउंटर का निरीक्षण किया, कृषि उत्पादों, मूल्य संवर्धन और बाजारोन्मुख कृषि प्रयासों की सराहना की।

रायपुर. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट ने आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आईजीकेवी), रायपुर स्थित उत्पाद विक्रय काउंटर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा विकसित विभिन्न कृषि उत्पादों, आधुनिक तकनीकों और मूल्य संवर्धित वस्तुओं का अवलोकन किया तथा इस अभिनव पहल की सराहना की।
वैज्ञानिकों, कृषि उद्यमियों और एफपीओ प्रतिनिधियों से संवाद
निरीक्षण के दौरान डॉ. जाट ने विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों, कृषि उद्यमियों, कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) तथा कृषक उत्पाद संगठनों (एफपीओ) के प्रतिनिधियों से संवाद किया। विक्रय केंद्र में आईजीकेवी के अंतर्गत संचालित केवीके, एफपीओ और महिला स्व सहायता समूहों द्वारा उत्पादित कृषि उत्पादों का विक्रय किया जा रहा है।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
- इस भ्रमण के दौरान डॉ. जाट के साथ
- डॉ. डी. के. यादव (उप महानिदेशक, फसल विज्ञान, आईसीएआर),
- डॉ. राजवीर सिंह (उप महानिदेशक, विस्तार, आईसीएआर),
- डॉ. गिरीश चंदेल (कुलपति, आईजीकेवी),
- डॉ. पी. के. रॉय,
- डॉ. एस. आर. के. सिंह तथा
- डॉ. एस. एस. टुटेजा उपस्थित रहे।
बाजारोन्मुख कृषि और मूल्य संवर्धन पर जोर
आईसीएआर महानिदेशक ने आईजीकेवी की अनुसंधान, विस्तार और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न महाविद्यालयों, केवीके एवं केवीके-समर्थित एफपीओ द्वारा तैयार उत्पादों की गुणवत्ता की सराहना की। डॉ. जाट ने कहा कि बाजारोन्मुख कृषि, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और व्यावसायीकरण जैसे प्रयास किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
किसान-केंद्रित कृषि विकास के प्रति प्रतिबद्धता
यह भ्रमण नवाचार-आधारित और किसान-केंद्रित कृषि विकास के प्रति आईसीएआर की प्रतिबद्धता को दर्शाता है तथा विश्वविद्यालयों, केवीके और एफपीओ के समन्वय से किसानों को सीधे लाभ पहुंचाने की दिशा में एक प्रभावी कदम है।




