जोधपुर में कला-संस्कृति का उत्सव: हैंडीक्राफ्ट एक्सपो का केंद्रीय मंत्री ने किया उद्घाटन
हैंडीक्राफ्ट एक्सपो जोधपुर का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने किया। उन्होंने भारतीय हस्तशिल्प को सभ्यता की जीवंत पहचान बताते हुए रोजगार, संस्कृति और ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ पर जोर दिया।

जयपुर. एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट द्वारा ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर में आयोजित हैंडीक्राफ्ट एक्सपो जोधपुर का उद्घाटन केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि भारत की शिल्प, काष्ठ और रंग कला हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता की जीवंत पहचान हैं। ऐसे आयोजनों से न केवल देश की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने में मदद मिलती है, बल्कि उसे वैश्विक मंच तक पहुंचाने की नई ऊर्जा भी मिलती है। उन्होंने कहा कि भारतीय हस्तशिल्पियों की रचनात्मकता पीढ़ी-दर-पीढ़ी विकसित हुई है और यह कला भारत की आत्मा से जुड़ी सांस्कृतिक चेतना की अभिव्यक्ति है।
विविधताओं से समृद्ध है भारतीय कला जगत
संस्कृति मंत्री ने कहा कि आज क्रिएटिव इकोनॉमी के विभिन्न आयामों में हस्तशिल्प उद्योग को नई पहचान मिली है। जहां कुछ देशों की कला सीमित शैलियों तक केंद्रित है, वहीं भारतीय हस्तशिल्प विविधताओं से भरपूर है और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भी है।
रोजगार और समावेशन का सशक्त माध्यम
शेखावत ने कहा कि हस्तशिल्प उद्योग अर्थव्यवस्था के विकेंद्रीकरण के साथ-साथ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच की दूरी को कम करने में अहम भूमिका निभा रहा है। यह क्षेत्र देश में सर्वाधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाले प्रमुख क्षेत्रों में शामिल है और लाखों कारीगरों की आजीविका का आधार है।
‘वोकल फॉर लोकल’ से ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ की ओर भारत
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच सरकार हस्तशिल्प उद्योग सहित समस्त व्यापारिक क्षेत्रों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि देश परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और इस परिवर्तन में सरकार उद्योग जगत के साथ साझेदारी की भावना से कार्य कर रही है, ताकि कारीगरों और उद्यमियों को सम्मानजनक आजीविका के अवसर मिल सकें। कार्यक्रम में राजेश रावत, निर्मल भंडारी, हंसराज बाहेती, नरेश बोथरा सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में हस्तशिल्प उद्यमी उपस्थित रहे।




