केसर ने तोड़ा रिकॉर्ड! ईरान-अमेरिका तनाव से MP में बढ़े ड्राई फ्रूट्स के दाम
गुना में ड्राय फ्रूट्स की कीमतें आसमान पर—केसर, पिस्ता, बादाम और अंजीर में रिकॉर्ड उछाल। अंतरराष्ट्रीय तनाव और सप्लाई चेन बाधाओं से बढ़ी महंगाई, जानें पूरी रिपोर्ट।

गुना. कड़ाके की ठंड में जहां शरीर को गर्माहट और ऊर्जा देने के लिए सूखे मेवों का सहारा लिया जाता है, वहीं इस बार ड्राय फ्रूट्स की कीमतों ने आम आदमी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गुना जिले के बाजारों में मेवों के दाम रॉकेट की रफ्तार से बढ़े हैं।
सोना-चांदी की तरह अब केसर, पिस्ता, बादाम और अंजीर के भाव भी लोगों को चौंका रहे हैं। पिछले दो महीनों में आई इस जबरदस्त तेजी ने न केवल घरेलू बजट बिगाड़ा है, बल्कि कारोबारियों की चिंता भी बढ़ा दी है।
केसर ने दिया सबसे बड़ा झटका
सबसे ज्यादा चौंकाने वाली तेजी केसर में देखी गई है। ईरान से आने वाले केसर की कीमतों में प्रति किलो करीब एक लाख रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। डेढ़ माह पहले जहां केसर के भाव कम थे, वहीं अब यह 2.25 से 2.75 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर तक पहुंच गया है। औषधीय गुणों के कारण मांग बनी हुई है, लेकिन ऊंची कीमतों से खरीददार घटे हैं।
पिस्ता भी पीछे नहीं रहा। जो पिस्ता पहले 1800–1900 रुपये किलो मिल रहा था, वह अब 2400 रुपये किलो तक पहुंच गया है—यानी करीब 35% की बढ़ोतरी।
क्यों बदले बाजार के समीकरण
बाजार विशेषज्ञों और स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, ड्राय फ्रूट्स की महंगाई के पीछे घरेलू से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय कारण हैं। कई देशों के बीच बढ़ता तनाव और सीमाओं पर सैन्य गतिविधियों ने सप्लाई चेन को प्रभावित किया है।
अमेरिका के नए टैरिफ नियमों और खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता से आयात महंगा हुआ है। हालात ऐसे हैं कि तुर्की से आने वाला गीला अंजीर स्थानीय बाजार से लगभग गायब हो चुका है।
बाजार में कहां से क्या आता है
- ईरान का केसर और पिस्ता: आपूर्ति प्रभावित, इसलिए सबसे महंगे।
- अफगानिस्तान का अंजीर: सीमाई विवाद और अस्थिरता से दाम 25–30% बढ़े।
- पाकिस्तान का छुआरा: सीमा तनाव के कारण आवक महंगी; लागत ₹300/किलो तक बढ़ी।
- कैलिफोर्निया के बादाम: अमेरिकी टैरिफ असर से 20–25% महंगे।
कारोबारियों की राय
ड्राय फ्रूट्स के बड़े कारोबारी बंटी जैन बताते हैं कि पिछले दो महीनों जैसी अप्रत्याशित तेजी उन्होंने पहले नहीं देखी। माल की कमी और ऊंची कीमतों से ग्राहक पीछे हट रहे हैं। दुकानदार हुजैफा फारिग के मुताबिक, ग्राहक दाम सुनते ही बिना खरीदी लौट जाते हैं। फिलहाल काजू ₹1000, मखाना ₹1300 और चिरौंजी ₹2200 प्रति किलो तक बिक रही है, जो आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही है।




