US की नीति पर तीखा हमला, राजदूत का बयान—भारत की भूमिका अहम
भारत में क्यूबा के राजदूत ने वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा की। भारत से आगे आकर ग्लोबल साउथ की आवाज मजबूत करने की अपील की।

नई दिल्ली. भारत में क्यूबा के राजदूत जुआन कार्लोस मार्सेन एगुइलेरा ने सोमवार को वेनेजुएला में अमेरिका के कथित सैन्य अभियान की कड़ी निंदा की। उन्होंने बीते सप्ताह पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में आधी रात को किए गए ऑपरेशन का हवाला देते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संप्रभुता के सिद्धांतों का खुला उल्लंघन है।
राजदूत ने इस कार्रवाई में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए गहरी निराशा जताई। साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका को ऐसे एकतरफा कदम उठाने से रोकने के लिए भारत जैसे देशों का आगे आना बेहद जरूरी है, ताकि ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूती मिल सके।
‘अमेरिकी कार्रवाई अपराध और आतंकी कृत्य’
पीटीआई वीडियो को दिए एक इंटरव्यू में एगुइलेरा ने कहा कि कोई भी देश अकेले अमेरिका को इस तरह की एकतरफा कार्रवाइयों से नहीं रोक सकता। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा, “मेरे विचार में, अमेरिकी सैन्य आक्रमण वेनेजुएला के खिलाफ एक अपराध है। यह एक आतंकी कृत्य है। यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून में निहित सभी सिद्धांतों का उल्लंघन है। यह एक संप्रभु देश के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई है।”
वैश्विक एकता की जरूरत पर जोर
क्यूबा के राजदूत ने अमेरिकी टैरिफ, ईरान को दी गई धमकियों और सैन्य हस्तक्षेपों का उल्लेख करते हुए कहा कि मौजूदा हालात में वैश्विक एकता समय की मांग है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की कार्रवाइयों से दुनिया को एक खतरनाक संदेश जाता है।
“मुझे लगता है कि कोई भी अकेले अमेरिका को नहीं रोक सकता। सभी देशों को एक साथ आना चाहिए। यह एकता का समय है,” उन्होंने कहा।
भारत से क्या अपील
वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य में भारत की भूमिका को रेखांकित करते हुए राजदूत एगुइलेरा ने कहा कि दुनिया को भारत की आवश्यकता है। उनके अनुसार, भारत एक बड़ी शक्ति के रूप में संतुलन बना सकता है और सभी देशों के लिए स्थिर भविष्य सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
“मुझे पूरा विश्वास है कि ग्लोबल साउथ की आवाज के रूप में भारत की भूमिका भविष्य में और मजबूत होगी। हमें भारत की जरूरत है, ताकि वह संतुलन बनाया जा सके जिसकी दुनिया को आवश्यकता है,” उन्होंने कहा।




