बिजली आपूर्ति में गुणवत्ता का नया दौर शुरू: ऊर्जा मंत्री तोमर

किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं और उद्योगों को सतत एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विद्युत आपूर्ति में ट्रिपिंग की समस्या न्यूनतम होनी चाहिए और समाधान योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह निर्देश ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मंगलवार को विभागीय योजनाओं की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक के दौरान दिए।
ऊर्जा मंत्री ने मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं से संवाद कर विद्युत आपूर्ति व्यवस्था और समाधान योजना की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि रबी सीजन के दौरान किसानों को पर्याप्त और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही मेंटेनेंस कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए।
मंत्री श्री तोमर ने समाधान योजना के तहत बिजली बिल बकाया की स्थिति पर स्पष्ट जानकारी देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कितना बिल वसूली योग्य है और कितना अवसूली योग्य—इसका स्पष्ट विवरण प्रस्तुत किया जाए। साथ ही बड़े डिफॉल्टरों के विरुद्ध प्राथमिकता के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को अच्छी गुणवत्ता की बिजली उपलब्ध कराना जितना आवश्यक है, उतनी ही महत्वपूर्ण प्रभावी वसूली भी है। गलत बिजली बिलों में सुधार की कार्रवाई प्राथमिकता से की जाए। कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
समाधान योजना में 745 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली
समाधान योजना के अंतर्गत अब तक उपभोक्ताओं द्वारा 745 करोड़ 92 लाख रुपये जमा कराए जा चुके हैं। इनमें से 301 करोड़ 40 लाख रुपये के सरचार्ज को माफ किया गया है। क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार—
- पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में 150 करोड़ 22 लाख रुपये,
- मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में 469 करोड़ 47 लाख रुपये,
- पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में 126 करोड़ 23 लाख रुपये की राशि जमा हुई है।
बैठक में सचिव ऊर्जा श्री विशेष गढ़पाले, पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी श्री अनूप सिंह, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी श्री ऋषि गर्ग सहित तीनों विद्युत वितरण कंपनियों के मुख्य अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता उपस्थित रहे।




