छत्तीसगढ़

वंदे मातरम् को 150 साल: 19 से 26 जनवरी तक राज्यभर में विशेष आयोजन

वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर छत्तीसगढ़ में 19–26 जनवरी 2026 तक द्वितीय चरण के राज्यव्यापी कार्यक्रम। गणतंत्र दिवस पर विशेष आयोजन और सामूहिक गायन।

रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर राज्यभर में चार चरणों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में द्वितीय चरण के कार्यक्रम 19 से 26 जनवरी 2026 तक आयोजित होंगे, जिनमें शैक्षणिक, सांस्कृतिक और जनभागीदारी आधारित गतिविधियों पर विशेष जोर रहेगा।

गणतंत्र दिवस पर विशेष आयोजन

गणतंत्र दिवस के अवसर पर Raipur में राज्यपाल तथा Jagdalpur में मुख्यमंत्री के आतिथ्य में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही राज्य के सभी जिला एवं ब्लॉक मुख्यालयों, ग्राम पंचायतों और स्कूल-कॉलेजों में ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के पश्चात सामूहिक वंदे मातरम् गायन किया जाएगा। इन आयोजनों में मंत्रीगण, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, स्थानीय अधिकारी, प्रमुख हस्तियां और नागरिकों की व्यापक सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

शैक्षणिक संस्थानों में विविध सांस्कृतिक गतिविधियां

द्वितीय चरण के दौरान 19 से 26 जनवरी तक राज्य के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एवं गाइड की सहभागिता से निम्न गतिविधियां आयोजित होंगी—

  • वंदे मातरम् पर आधारित संगीतमय प्रस्तुतियां और विशेष सभाएं
  • निबंध, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं
  • पोस्टर निर्माण, रंगोली, चित्रकला और प्रदर्शनी
  • सार्वजनिक स्थलों पर राज्य पुलिस बैंड द्वारा वंदे मातरम् एवं देशभक्ति गीतों की प्रस्तुतियां

ऑडियो-वीडियो बूथ से जनभागीदारी

सार्वजनिक एवं निजी सहभागिता के तहत प्रदेशभर में वंदे मातरम् ऑडियो-वीडियो बूथ स्थापित किए जाएंगे। यहां नागरिक अपनी आवाज में वंदे मातरम् का गायन रिकॉर्ड कर अभियान के पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। पोर्टल पर पूर्व रिकॉर्डेड धुन के साथ गायन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

चार चरणों में आयोजन का रोडमैप

  • प्रथम चरण: 7 से 14 नवंबर 2025 (सफलतापूर्वक संपन्न)
  • द्वितीय चरण: 19 से 26 जनवरी 2026
  • तृतीय चरण: 7 से 15 अगस्त 2026 — हर घर तिरंगा अभियान के साथ

चतुर्थ चरण: 1 से 7 नवंबर 2026

भारत सरकार, संस्कृति मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ग्राम पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक व्यापक जनभागीदारी के साथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रगीत के प्रति भावनात्मक जुड़ाव और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करना है।

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