मध्य प्रदेश

गुलाबों के बीच खेती का भविष्य: भोपाल के कृषि विभाग के स्टॉल बने आकर्षण

भोपाल के गुलाब महोत्सव में IEHE भोपाल के कृषि विभाग ने AI आधारित ‘फसल केयर’ ऐप और जैविक उत्पादों के जरिए डिजिटल कृषि व नवाचार का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

भोपाल. भोपाल स्थित गुलाब उद्यान में आयोजित अखिल भारतीय गुलाब प्रदर्शनी एवं गुलाब महोत्सव प्रतियोगिता में उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान (IEHE), भोपाल के कृषि विभाग द्वारा स्थापित कृषि कंसल्टेंसी टीम के स्टॉल ने नवाचार, तकनीक और जनसेवा का बेहतरीन समन्वय प्रस्तुत किया। महोत्सव में संस्थान की भागीदारी ने आधुनिक कृषि तकनीकों और डिजिटल समाधान को आमजन व किसानों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कृषि नवाचारों से रूबरू हुए किसान और विद्यार्थी

IEHE भोपाल के कृषि विभाग द्वारा विकसित विभिन्न कृषि उत्पादों के स्टॉल लगाए गए, जिनके माध्यम से किसानों, विद्यार्थियों और आगंतुकों को आधुनिक, वैज्ञानिक एवं व्यवहारिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई। स्टॉल पर प्रस्तुत प्रमुख उत्पादों में— 

  • सिंदूर
  • शहद सरसों (हनी मस्टर्ड)
  • जीवामृत और बीजामृत
  • रीसायकल कागज से बने बुकमार्क
  • जैविक लड्डू
  • शुभकामना पत्र
  • बीएससी कृषि विद्यार्थियों द्वारा विकसित मोबाइल एप्लिकेशन शामिल रहे।

AI आधारित मोबाइल एप ‘फसल केयर’ रहा आकर्षण का केंद्र

  • प्रदर्शनी में उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान के कृषि विभाग द्वारा विकसित AI आधारित मोबाइल एप्लिकेशन ‘फसल केयर’ ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
  • यह एप किसानों को फसल की पत्ती का फोटो अपलोड कर रोग की पहचान करने और सटीक कृषि परामर्श प्राप्त करने की सुविधा देता है। यह विशेष रूप से मध्यप्रदेश की प्रमुख फसलों पर केंद्रित है और समय पर सही कृषि प्रबंधन के जरिए फसल क्षति को कम करने में सहायक है।
  • महोत्सव में आए विशेषज्ञों, अधिकारियों और आम नागरिकों ने इस एप की सराहना की और उत्साहजनक फीडबैक दिया।

अंतरराष्ट्रीय गुलाब प्रतियोगिता में भी सहभागिता

कृषि विभाग ने कट फ्लावर (Cut Flower) श्रेणी में अंतरराष्ट्रीय गुलाब महोत्सव प्रतियोगिता में भी भागीदारी की। इससे संस्थान की उद्यानिकी और पुष्प उत्पादन में दक्षता का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला।

शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार का जीवंत उदाहरण

IEHE भोपाल की यह सहभागिता शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और विस्तार के त्रिसूत्री मॉडल का सशक्त उदाहरण बनी। आयोजन में संस्थान की सक्रिय भूमिका ने न केवल अकादमिक उत्कृष्टता को जनसरोकारों से जोड़ा, बल्कि डिजिटल कृषि और स्मार्ट फार्मिंग की दिशा में भी मजबूत संदेश दिया।

इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. अजय कुमार भारद्वाज, डॉ. स्मिता राजन, डॉ. शुभम मिश्रा, डॉ. प्रियंका गुर्जर, संकाय सदस्यों के साथ अनिकेत तिवारी, टीम लीड साहिल रघुवंशी और टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन विंग कंसल्टेंसी टीम का विशेष योगदान रहा।

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