बैतूल में मेडिकल कॉलेज की मंजूरी, जनप्रतिनिधियों ने सीएम डॉ. यादव को कहा धन्यवाद
बैतूल को मेडिकल कॉलेज समेत कई विकासात्मक सौगातें मिलने पर विधायकों ने सीएम डॉ. मोहन यादव का आभार जताया। 23 दिसंबर को कोसमी में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज का भूमि-पूजन होगा, साथ ही ऊर्जा और स्वास्थ्य परियोजनाओं को भी मंजूरी मिली।
भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बैतूल विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में बैतूल जिले के विधायकों ने भेंट कर जिले को मेडिकल कॉलेज सहित विभिन्न विकासात्मक सौगातें देने के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री निवास पर हुई इस भेंट में विधायक महेंद्र सिंह चौहान, डॉ. योगेश पंडाग्रे, चंद्रशेखर देशमुख तथा गंगाबाई उईके उपस्थित रहीं।
ग्रामीण और जनजातीय अंचल को मिलेगा स्वास्थ्य लाभ
विधायकों ने कहा कि जनजातीय और ग्रामीण बहुल बैतूल जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं जिले में ही उपलब्ध हो सकेंगी। इससे न केवल मरीजों को राहत मिलेगी, बल्कि जिले के स्वास्थ्य संकेतकों में भी सुधार होगा।
पीपीपी मोड पर खुलेगा मेडिकल कॉलेज
विधायकों ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर की जा रही है। इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने में भी सुविधा मिलेगी।
उन्होंने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा 23 दिसंबर को बैतूल जिले के कोसमी क्षेत्र में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज का भूमि-पूजन करेंगे।
ऊर्जा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ी स्वीकृतियां
विधायकों ने सारणी स्थित सतपुड़ा ताप विद्युत गृह में लगभग 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से 660 मेगावाट की नई इकाई की स्थापना की वर्षों पुरानी मांग स्वीकृत किए जाने पर भी मुख्यमंत्री का आभार जताया।
इसके साथ ही भीमपुर में 100 बिस्तरीय अस्पताल और चिचोली में 50 बिस्तरीय अस्पताल की स्वीकृति मिलने से जिले की स्वास्थ्य सुविधाएं और सुदृढ़ होंगी।
घोड़ाडोंगरी क्षेत्र के पट्टा मामलों पर चर्चा
भेंट के दौरान घोड़ाडोंगरी विधायक श्रीमती गंगाबाई उईके ने मुख्यमंत्री से चोपना क्षेत्र के परिवारों के पट्टा प्रकरणों के निराकरण के संबंध में भी अनुरोध किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया।




