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बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या पर बड़ा एक्शन: साजिशकर्ता गिरफ्तार

बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी यासीन अराफात गिरफ्तार। भीड़ को उकसाने और शव जलाने की साजिश का आरोप, कई अन्य हत्याओं से बढ़ी चिंता।

ढाका. बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा के बीच दीपू चंद्र दास हत्याकांड में पुलिस को बड़ी कार्रवाई करनी पड़ी है। हिंदू गारमेंट फैक्ट्री कर्मचारी दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या और फिर शव को सरेआम जलाने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी यासीन अराफात को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना को लेकर देश-विदेश में विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिसके बाद यूनुस सरकार पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया था।

कौन है यासीन अराफात

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यासीन अराफात पूर्व शिक्षक रह चुका है और उसी पर इस हत्याकांड की पूरी साजिश रचने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद अराफात इलाके से फरार हो गया था और लंबे समय तक छिपा रहा। गुरुवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

भीड़ को उकसाने और हत्या की साजिश का आरोप

पुलिस का कहना है कि यासीन अराफात ने ही दीपू चंद्र दास पर हुए भीड़ के हमले की योजना बनाई। उसने लोगों को इकट्ठा किया, दास को निशाना बनाने के लिए उकसाया और कथित तौर पर खुद भी हिंसा में शामिल रहा।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने दीपू दास को खींचकर पेड़ से बांधा और फिर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। आरोपी उसी इलाके का रहने वाला है और एक मस्जिद में पढ़ाता था। गिरफ्तारी के बाद उसकी भूमिका की गहन जांच की जा रही है।

18 दिसंबर को हुई थी दिल दहला देने वाली घटना

पिछले महीने 18 दिसंबर को बांग्लादेश के मैमनसिंह जिले में दीपू चंद्र दास पर ईशनिंदा का आरोप लगाया गया था। इसके बाद उसे फैक्ट्री से निकाल दिया गया। आरोपों से भड़की भीड़ ने दीपू को बेरहमी से पीटा, फिर एक चौराहे पर उसके शव को टांगकर सरेआम आग लगा दी।

हिंदुओं पर बढ़ती हिंसा, कई हत्याएं दर्ज

  • दीपू चंद्र दास के अलावा हाल के दिनों में कई अन्य हिंदुओं की भी हत्या की घटनाएं सामने आई हैं।
  • 5 जनवरी को मोनी चक्रवर्ती की हत्या
  • उसी दिन एक अखबार के एडिटर राणा प्रताप की अज्ञात बदमाशों द्वारा हत्या
  • इससे पहले खोकन चंद्र दास की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत
  • कुछ दिन पहले अमृत मंडल को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला
  • इन घटनाओं ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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