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पोस्टल बैलेट विवाद पर बांग्लादेश में बवाल, JCD ने चुनाव आयोग कार्यालय घेरा

बांग्लादेश चुनाव से पहले पोस्टल बैलेट विवाद तेज। जातीयतावादी छात्र दल ने ढाका में चुनाव आयोग का घेराव किया, राजनीतिक दखल और पक्षपात के लगाए आरोप।

ढाका. बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को प्रस्तावित संसदीय चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। एक ओर राजनीतिक दलों की आंतरिक कलह सामने आ रही है, तो दूसरी ओर पोस्टल बैलेट को लेकर देशभर में विवाद गहराता जा रहा है। इसी कड़ी में रविवार को जातीयतावादी छात्र दल (जेसीडी) ने अगरगांव स्थित बांग्लादेश चुनाव आयोग की इमारत का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया।

पोस्टल बैलेट और राजनीतिक दखल का आरोप

  • ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, जेसीडी ने चुनाव आयोग पर राजनीतिक प्रभाव में फैसले लेने और भेदभाव का आरोप लगाया है।
  • खासतौर पर पोस्टल बैलेट से जुड़े निर्णयों को लेकर छात्र संगठन ने तीखा विरोध दर्ज कराया।
  • जेसीडी अध्यक्ष रकीबुल इस्लाम के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता आयोग परिसर के बाहर जमा हुए और नारेबाजी की।

सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, वॉटर कैनन तैनात

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।

  • पुलिस
  • नेवी
  • रैपिड एक्शन बटालियन (RAB)
  • अंसार को तैनात किया गया।
  • कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंगा नियंत्रण वाहन और वॉटर कैनन भी इमारत के पास लगाए गए।

छात्र दल ने गिनाईं तीन प्रमुख वजहें

जेसीडी ने चुनाव आयोग के घेराव के पीछे तीन मुख्य कारण बताए—

  • पोस्टल बैलेट को लेकर पक्षपाती और संदिग्ध फैसले
  • निर्णय प्रक्रिया में कथित राजनीतिक हस्तक्षेप
  • शाहजलाल यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी छात्र संघ चुनाव से जुड़ा एक “अभूतपूर्व और विवादित” नोटिफिकेशन, जो कथित तौर पर किसी खास राजनीतिक दल के प्रभाव में जारी किया गया

बैलेट वितरण प्रक्रिया पर सवाल

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए रकीबुल इस्लाम ने आरोप लगाया कि एक विशेष राजनीतिक समूह के दबाव में पोस्टल बैलेट से जुड़े फैसले लिए गए। उन्होंने कहा कि संभावित सुधारों की रिपोर्टों के बावजूद आयोग के हालिया कदमों ने छात्र संगठनों को फिर से अपमानित किया है।

उन्होंने पोस्टल बैलेट वितरण प्रक्रिया की तुलना छात्रावास की किसी कॉमन जगह पर छोड़े गए पत्र से की, जिसे कोई भी उठा सकता है। उनका दावा है कि करीब 160 बैलेट एक ही बॉक्स में रखकर बाद में बाहर से आए मतदाताओं में बांटे गए।

बहरीन से जुड़े वीडियो के बाद बढ़ा विवाद

बांग्लादेशी मीडिया के मुताबिक, यह प्रदर्शन उस वीडियो के वायरल होने के बाद तेज हुआ, जिसमें बहरीन में एक ही पते पर बड़ी संख्या में पोस्टल बैलेट भेजे जाने का दावा किया गया था।

इस पर चुनाव आयोग ने 14 जनवरी को सफाई दी थी। ईसी सेक्रेटेरिएट के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद ने कहा था कि पोस्टल बैलेट यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन के जरिए भेजे जाते हैं और मिडिल ईस्ट सहित कई देशों में पोस्टल सिस्टम अलग-अलग होता है। बहरीन के स्थानीय पोस्टल सिस्टम के कारण लगभग 160 बैलेट एक ही बॉक्स में एक स्थान पर रखे गए थे।

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