शुचिता और पारदर्शिता की मिसाल रहे वाजपेयी जी: केंद्रीय गृह मंत्री शाह
रीवा में किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने सुशासन के नए आयाम स्थापित किए। प्राकृतिक खेती किसानों की आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम बनेगी, मध्यप्रदेश सरकार भी इस दिशा में तेजी से काम कर रही है।
भोपाल. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सार्वजनिक जीवन में शुचिता और पारदर्शिता सर्वोपरि रही। उन्होंने कहा कि स्व. वाजपेयी ने सुशासन की स्थापना के लिए अपने कार्यों से नए आयाम स्थापित किए और जो कहा, उसे धरातल पर साकार कर दिखाया। शाह रीवा में बसामन मामा गौ वन्य विहार अभयारण्य में प्राकृतिक खेती प्रकल्प के शुभारंभ अवसर पर आयोजित कृषक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
रीवा से अटलजी का विशेष लगाव
केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि भारतीय राजनीति में अटल बिहारी वाजपेयी का स्थान और योगदान दोनों ही अद्वितीय हैं। उन्होंने बताया कि अटलजी को रीवा से विशेष लगाव था और यह सम्मेलन उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि बसामन मामा प्राकृतिक खेती प्रकल्प विंध्य क्षेत्र के किसानों के लिए मार्गदर्शक मॉडल बनेगा।
विंध्य क्षेत्र के विकास की नई तस्वीर
- अमित शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश का रीवा क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है।
- एशिया का सबसे बड़ा सोलर प्लांट रीवा में स्थापित है
- रीवा–जबलपुर सड़क नेटवर्क का विस्तार हुआ है
- रीवा एयरपोर्ट से अब इंदौर और दिल्ली के लिए 24 घंटे हवाई सेवा उपलब्ध है
- उन्होंने कहा कि बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में गोबर से बनी खाद के माध्यम से प्राकृतिक खेती का अनुकरणीय प्रयोग किया जा रहा है, जिससे एक एकड़ में सवा लाख रुपये तक की आय संभव है।
प्राकृतिक खेती से नहीं घटता उत्पादन
- केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाने से उत्पादन कम नहीं होता। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने स्वयं अपने खेतों में प्राकृतिक खेती अपनाई है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय के अंतर्गत प्राकृतिक खेती की उपज के सर्टिफिकेशन, पैकेजिंग और मार्केटिंग की व्यापक व्यवस्था की गई है।
- आगामी समय में देशभर में 400 से अधिक प्रयोगशालाएं प्राकृतिक खेती के प्रमाण-पत्र जारी करेंगी, जिससे किसानों की आय डेढ़ गुना तक बढ़ने की संभावना है।
रासायनिक खाद से बढ़ रही बीमारियां
शाह ने चिंता जताते हुए कहा कि रासायनिक खाद और कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से अनेक बीमारियां बढ़ रही हैं। इससे बचाव के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने बसामन मामा की स्मृति में पीपल का वृक्ष रोपित करने का संकल्प लेने का भी आह्वान किया।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए समन्वित और सतत प्रयास कर रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ एमओयू किया गया है।
गौसंरक्षण और दुग्ध उत्पादन पर जोर
- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि गौमाताओं के लिए प्रति गाय आहार अनुदान 20 से बढ़ाकर 40 रुपये किया गया है
- प्रति दुग्ध संघ दूध खरीदी में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है
- वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाया जाएगा
- उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए पूरी तरह संकल्पित है।
प्राकृतिक खेती जन-आंदोलन बने : उप मुख्यमंत्री
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि गौमाता के गोबर से खाद बनाकर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा सकता है। जब धरती और नागरिक स्वस्थ होंगे, तभी भारत आत्मनिर्भर बनेगा।
अटलजी को सच्ची श्रद्धांजलि : हेमंत खंडेलवाल
प्रदेशाध्यक्ष एवं वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर रीवा में कृषक एवं सहकारिता सम्मेलन का आयोजन उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। केंद्र और राज्य सरकार के संकल्प से प्राकृतिक खेती को नया आयाम मिल रहा है।
सम्मेलन में ये रहे मौजूद
किसान सम्मेलन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री लखन पटेल, सांसद जनार्दन मिश्र, विधायकगण, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि तथा वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।




