कला से इलाज: AIIMS भोपाल में शुरू हुई आर्ट थैरेपी, वेस्ट पेपर से खिली रचनात्मकता
एम्स भोपाल 16 से 18 फरवरी तक पेपर माचे आर्ट वर्कशॉप आयोजित कर रहा है। आर्ट थेरेपी के जरिए डॉक्टरों, स्टूडेंट्स और कर्मचारियों को तनावमुक्त कर मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बनाने की पहल।

भोपाल. चिकित्सा और पढ़ाई के तनावपूर्ण माहौल के बीच एम्स भोपाल ने अपने संकाय सदस्यों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लिए एक रचनात्मक पहल की है। संस्थान का हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर 16 से 18 फरवरी तक ‘पेपर माचे’ कला पर तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित करेगा।
आर्ट थेरेपी के जरिए मानसिक शांति देने की पहल
इस पहल का उद्देश्य केवल कला सिखाना नहीं, बल्कि ‘आर्ट थेरेपी’ के माध्यम से संस्थान से जुड़े लोगों को तनावमुक्त वातावरण और मानसिक शांति प्रदान करना है। एम्स प्रशासन का मानना है कि सृजनात्मक कार्य में व्यस्त रहने से मस्तिष्क को गहरा विश्राम मिलता है और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है।
रद्दी कागज से बनेंगी आकर्षक कलाकृतियां
‘पेपर माचे’ एक प्राचीन कला है, जिसमें पुराने अखबार, गोंद और पानी के मिश्रण से मूर्तियां, मुखौटे और सजावटी वस्तुएं बनाई जाती हैं। कार्यशाला में विशेषज्ञ प्रतिभागियों को इसकी बारीकियां सिखाएंगे, जिससे वे शून्य लागत में घर की रद्दी से सुंदर कृतियां बनाना सीख सकेंगे।
छिपी प्रतिभा निखारने का मिलेगा मौका
यह कार्यशाला प्रतिभागियों को दैनिक भागदौड़ से अलग हटकर कुछ नया और रचनात्मक करने का अवसर देगी। संस्थान इन दिनों अपने छात्रों और कर्मचारियों के समग्र स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दे रहा है, क्योंकि स्वस्थ चिकित्सक और कर्मचारी ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दे सकते हैं।




