धर्म
सही विधि से किया गया गृह प्रवेश लाता है सुख-समृद्धि, शांति और लक्ष्मी का स्थायी वास
नया घर बनना अपने आप में बड़ा सौभाग्य होता है और उसका गृह प्रवेश जीवन का सबसे पवित्र और शुभ संस्कार माना जाता है।
नया घर बनना अपने आप में बड़ा सौभाग्य होता है और उसका गृह प्रवेश जीवन का सबसे पवित्र और शुभ संस्कार माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि गृह प्रवेश सही मुहूर्त और विधि-विधान से किया जाए, तो घर में सुख-शांति, धन-वैभव और सकारात्मक ऊर्जा हमेशा बनी रहती है। आइए जानते हैं वे 7 सबसे जरूरी बातें, जिन्हें भूलकर भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
1. पूरा निर्माण खत्म होने के बाद ही करें गृह प्रवेश
- शास्त्रों में स्पष्ट लिखा है कि अधूरा घर अशुभ माना जाता है।
- प्लास्टर, पेंट, दरवाजे-खिड़कियां, बिजली-पानी का काम पूरा होने के बाद ही गृह प्रवेश करें।
- यदि किसी मजबूरी में पहले जाना पड़े तो पूजा करके लौट आएं, रात में रुकना वर्जित माना गया है। अधूरा घर वास्तु दोष पैदा करता है और परिवार पर संकट ला सकता है।
2. मुख्य द्वार की शुभ सजावट जरूर करें
मुख्य द्वार घर का मुख होता है। गृह प्रवेश से एक दिन पहले ही—
- आम के पत्तों का तोरण
- फूलों की मालाएं
- स्वास्तिक, ॐ और शुभ-लाभ के चिन्ह
- दोनों ओर केले के खंभे
- द्वार पर लाल रंग की रंगोली और दीपक अवश्य लगाएं। यह सजावट मां लक्ष्मी को सीधे आमंत्रण देती है।
3. रंगोली, नारियल और कलश का विशेष महत्व
गृह प्रवेश के दिन—
- मुख्य द्वार पर बड़ी रंगोली, बीच में स्वास्तिक व कमल
- दाएं-बाएं दो नारियल लाल कपड़े में लपेटकर रखें
- गृहणी सिर पर कलश लेकर प्रवेश करे, जिसमें पानी, सुपारी, दूर्वा, सिक्का और लाल कपड़ा हो
- कलश को ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में स्थापित करें
- यह क्रिया घर में धन, सुख और समृद्धि की वर्षा करती है।
4. दाहिने पैर से करें प्रवेश
गृह प्रवेश के समय—
- गृहस्वामी और गृहणी दाहिना पैर आगे रखकर घर में प्रवेश करें
- नारियल फोड़ें
- “ॐ गण गणपतये नमः” का उच्चारण करें
- बायां पैर पहले रखने से वास्तु दोष और नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश कर सकती है।
5. सबसे पहले मंदिर की स्थापना करें
घर में प्रवेश करते ही सबसे पहले—
- ईशान कोण में मंदिर स्थापित करें
- लक्ष्मी-गणेश, राधा-कृष्ण या कुलदेवता की मूर्ति रखें
- दीप जलाएं, अगरबत्ती करें
- “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें
- मंदिर स्थापना के बिना गृह प्रवेश अधूरा माना जाता है।
6. शंखनाद, हवन, गणेश पूजा और नवग्रह शांति अनिवार्य
गृह प्रवेश के दिन—
- गणेश पूजा
- नवग्रह शांति
- विधिवत हवन
- शंखनाद अवश्य करवाएं। शंखनाद से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और हवन से सकारात्मक शक्तियों का वास होता है। इससे ग्रह दोष शांत होते हैं।
7. किचन में सबसे पहले दूध उबालें
गृह प्रवेश के बाद सबसे पहले—
- किचन में जाकर दूध उबालें
- उसमें थोड़ी चीनी और इलायची डालें
- दूध उबलकर बाहर गिरे तो इसे अत्यंत शुभ माना जाता है
- सबसे पहले गणेश जी को भोग लगाएं, फिर सभी को प्रसाद दें
- यह परंपरा मां अन्नपूर्णा को घर में आमंत्रित करने का प्रतीक है, जिससे घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती।
शुभ संकेत
इन 7 नियमों का पालन करके किया गया गृह प्रवेश आपके नए घर में—
- सुख-शांति
- समृद्धि
- स्वास्थ्य
- सकारात्मक ऊर्जा को स्थायी रूप से स्थापित करता है।
जब विधि सही हो, तो घर सिर्फ मकान नहीं, बल्कि साक्षात मंदिर बन जाता है।




