बिहार

महिला नेतृत्व का बड़ा दांव! रितु जायसवाल उतरेंगी नए राजनीतिक मंच के साथ

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों के बाद प्रदेश की राजनीति में बड़े बदलावों के संकेत साफ नजर आने लगे हैं। इसी कड़ी में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रितु जायसवाल ने अब नई राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा कर दी है।

पटना. बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों के बाद प्रदेश की राजनीति में बड़े बदलावों के संकेत साफ नजर आने लगे हैं। इसी कड़ी में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रितु जायसवाल ने अब नई राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा कर दी है। खास बात यह रही कि इस ऐलान के दौरान उन्होंने इशारों-इशारों में राजद पर परिवारवाद को लेकर तंज भी कसा।

टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय लड़ा था चुनाव

गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के दौरान राजद ने रितु जायसवाल को टिकट नहीं दिया था। इसके बाद उन्होंने परिहार विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उन्होंने प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया था।

नई पार्टी बनाने को लेकर सोशल मीडिया पर किया एलान

रितु जायसवाल ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी नई राजनीतिक पारी के संकेत देते हुए लिखा—
“अगले कुछ महीनों में मैं बिहार के युवाओं से, खासकर महिलाओं से, संवाद करूंगी। इस संवाद के आधार पर मैं एक राजनीतिक पार्टी बनाने पर विचार करूंगी। एक ऐसी पार्टी, जहां महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व मिले, युवाओं को आगे बढ़ने का मौका मिले, जहां टिकटों की खरीद-फरोख्त न हो और जहां परिवारवाद के लिए कोई जगह न हो।” उन्होंने आगे लोगों से अपील करते हुए कहा— “आपके सुझाव और आपकी आलोचना, दोनों का ही स्वागत रहेगा।”

परिहार सीट पर कड़ा मुकाबला, दूसरे नंबर पर रहीं रितु

परिहार विधानसभा सीट पर हुए मुकाबले में बीजेपी की गायत्री देवी ने 82,644 वोटों के साथ जीत दर्ज की, जबकि निर्दलीय उम्मीदवार रितु जायसवाल 65,455 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। वहीं राजद की उम्मीदवार स्मिता गुप्ता को 48,534 वोट मिले और उन्हें तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा।

चुनाव के बाद भी राजद पर साधती रहीं निशाना

चुनाव परिणाम आने के बाद भी रितु जायसवाल लगातार सोशल मीडिया के जरिए राजद पर निशाना साधती रही हैं। उन्होंने एक पोस्ट में तंज कसते हुए लिखा था— “खुद को चाणक्य समझने की भूल में किस तरह जीती हुई सीटें गंवाई जाती हैं, यह राजद के सलाहकार से सीखा जा सकता है। परिहार इसका जीता-जागता उदाहरण है। कार्यकर्ताओं की भावनाओं और जमीनी वास्तविकता की अनदेखी कर जब परिहार का सिंबल वितरण किया गया था, तभी मैंने कह दिया था कि राजद यहां तीसरे नंबर पर रहेगी। चुनाव परिणाम ने इस बात को सही साबित कर दिया।”

अब अलग सियासी राह पर रितु जायसवाल

राजद से दूरी और चुनावी प्रदर्शन के बाद अब रितु जायसवाल अपनी अलग राजनीतिक राह तैयार करने में जुट गई हैं। उनकी प्रस्तावित पार्टी को लेकर महिलाओं और युवाओं के बीच क्या प्रतिक्रिया रहती है, इस पर प्रदेश की राजनीति की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।

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