मध्य प्रदेश

कड़ाके की ठंड ने जकड़ा MP: 25 शहर ठंडे, ग्वालियर-चंबल में दिन भी सुन्न

मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर बढ़ा। ग्वालियर-चंबल में कोल्ड डे, 15 से ज्यादा जिलों में कोहरा और कई शहरों में तापमान 5 डिग्री के आसपास पहुंचा।

भोपाल. मध्यप्रदेश में ठंड का असर एक बार फिर तेज हो गया है। उत्तर भारत से आ रही सर्द और बर्फीली हवाओं के चलते प्रदेश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में कंपकंपी बढ़ गई है। ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जहां शुक्रवार को दिनभर धूप के बावजूद ठंड से राहत नहीं मिली और कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रही।

ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार शनिवार को भी हालात लगभग ऐसे ही रहेंगे। दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में दिन ठंडा रहने का अलर्ट जारी किया गया है।

सुबह 15 से ज्यादा जिलों में घना कोहरा

शनिवार सुबह प्रदेश के बड़े हिस्से में कोहरे की मोटी चादर छाई रही। ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में घना कोहरा दर्ज किया गया। भोपाल, इंदौर, रायसेन, शाजापुर और विदिशा समेत कई जिलों में भी दृश्यता काफी कम रही।

दिन में भी ठंड, कोल्ड डे जैसी स्थिति

शुक्रवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में कोल्ड डे की स्थिति बनी रही। शनिवार को भी ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है। उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण प्रदेश के ऊपरी हिस्सों में ठंड का असर और बढ़ गया है।

इन जिलों में तापमान 10 डिग्री से नीचे

शुक्रवार–शनिवार की रात न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई।

  • शिवपुरी: 4°C
  • राजगढ़: 4.4°C
  • दतिया: 4.6°C
  • नौगांव: 5°C
  • रीवा: 5.5°C
  • मंडला: 6°C
  • पचमढ़ी: 6.4°C
  • उमरिया: 6.9°C

बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.9°C दर्ज किया गया। भोपाल में 7.2°C, इंदौर में 6.9°C, उज्जैन में 9°C और जबलपुर में 9.4°C तापमान रिकॉर्ड किया गया।

नवंबर–दिसंबर के बाद जनवरी में भी रिकॉर्ड ठंड

इस बार मध्यप्रदेश में ठंड ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। नवंबर में 84 साल और दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा था। जनवरी में भी कड़ाके की ठंड का दौर जारी है, जिससे भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, जनवरी में प्रदेश में माइनस जैसी ठंड का असर देखने को मिल रहा है।

जनवरी क्यों होती है सबसे ठंडी?

मौसम विभाग के अनुसार, जैसे मानसून में जुलाई–अगस्त अहम होते हैं, वैसे ही ठंड के लिए दिसंबर और जनवरी सबसे महत्वपूर्ण महीने हैं। इन्हीं महीनों में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं, जिससे तापमान में तेज गिरावट होती है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने से जनवरी में मावठा गिरने की भी संभावना रहती है।

खजुराहो सबसे ठंडा, पारा 3.4 डिग्री

गुरुवार–शुक्रवार की रात छतरपुर जिले का खजुराहो प्रदेश में सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.4°C दर्ज किया गया। दतिया में 3.9°C, शिवपुरी में 4°C और राजगढ़ में 5°C तापमान रहा। बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे सर्द रहा, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में भी रातें बेहद ठंडी रहीं।

कोहरे का असर रेल यातायात पर

घने कोहरे के कारण रेल संचालन भी प्रभावित हुआ है। दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनें देरी से चल रही हैं। मालवा एक्सप्रेस सबसे ज्यादा प्रभावित रही, जबकि पंजाब मेल, जनशताब्दी और सचखंड एक्सप्रेस भी अपने निर्धारित समय से पीछे चल रही हैं।

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