छत्तीसगढ़

CG News: किसानों के हित में ऐतिहासिक कदम, राजनांदगांव बना पहला सोयाबीन खरीदी जिला

CG News: राजनांदगांव जिले ने समर्थन मूल्य पर सोयाबीन खरीदी शुरू कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया। नाफेड के माध्यम से दलहन-तिलहन की ऑनलाइन खरीदी, किसानों को सीधे बैंक खाते में भुगतान।

CG News: राजनांदगांव. खरीफ सीजन 2025-26 में समर्थन मूल्य पर सोयाबीन खरीदी शुरू कर राजनांदगांव जिले ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। 7 जनवरी की स्थिति में पूरे राज्य में केवल राजनांदगांव जिले में ही प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत खरीदी प्रारंभ की गई है।

प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के तहत खरीदी

प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा खरीफ फसलों—सोयाबीन, अरहर, उड़द एवं मूंग—की समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए अधिसूचना जारी की गई है। इसके तहत जिले में 15 सेवा सहकारी समितियों को उपार्जन केंद्र के रूप में चिन्हित किया गया है। साथ ही स्वर्ण उपज बहुउद्देशीय कृषक उत्पादक संगठन, सुकुलदैहान को भी अधिकृत उपार्जन केंद्र घोषित किया गया है।

नाफेड के माध्यम से हो रही खरीदी

राज्य सरकार द्वारा नाफेड के माध्यम से जिले में दलहन व तिलहन फसलों की खरीदी की जा रही है। इसके लिए समर्थन मूल्य पहले ही तय कर जारी कर दिए गए हैं।

समर्थन मूल्य और उपार्जन सीमा

समर्थन मूल्य इस प्रकार निर्धारित किए गए हैं—

  • सोयाबीन: 5328 रुपये प्रति क्विंटल
  • मूंग: 8768 रुपये प्रति क्विंटल
  • उड़द: 7800 रुपये प्रति क्विंटल
  • अरहर: 8000 रुपये प्रति क्विंटल

उपार्जन सीमा के अनुसार सोयाबीन की अधिकतम खरीदी 5 क्विंटल प्रति एकड़ तथा उड़द, अरहर एवं मूंग की 3 क्विंटल प्रति एकड़ तय की गई है।

प्रदेश की पहली खरीदी, किसानों को मिला लाभ

प्राइस सपोर्ट स्कीम के अंतर्गत प्रदेश की पहली खरीदी राजनांदगांव जिले में की गई। किसान हेमंत कुमार नायक एवं विनोद वर्मा से स्वर्ण उपज कृषक उत्पादक संगठन, सुकुलदैहान उपार्जन केंद्र में 5 क्विंटल सोयाबीन की खरीदी हुई, जिसकी कुल राशि 26,640 रुपये रही।

समृद्धि पोर्टल से हो रही ऑनलाइन प्रक्रिया

उपसंचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि नाफेड द्वारा समृद्धि पोर्टल, जो एकीकृत किसान पोर्टल से जुड़ा है, के माध्यम से ऑनलाइन खरीदी की जा रही है। इससे किसानों को समर्थन मूल्य की राशि सीधे उनके बैंक खातों में प्राप्त हो रही है। आने वाले वर्षों में यह योजना दलहन और तिलहन क्षेत्र के विस्तार में अहम भूमिका निभाएगी।

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