राजनीतिक

कांग्रेस की एंट्री फेल, चुनावी मैदान में अब दो दिग्गजों की सीधी लड़ाई

मुंबई नगर निकाय चुनाव में 32 सीटों पर भाजपा–शिवसेना और शिवसेना (UBT)–मनसे के बीच सीधी टक्कर तय। कांग्रेस–वीबीए की रणनीति और सीट बंटवारे का पूरा विश्लेषण।

मुंबई. नगर निकाय की 227 में से 32 सीटों पर भाजपा–शिवसेना गठबंधन और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)–महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा। इन सीटों पर किसी मजबूत तीसरे मोर्चे के उम्मीदवार मैदान में नहीं हैं। इसकी प्रमुख वजह यह है कि कांग्रेस–वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) गठबंधन ने इन सीटों पर अपने प्रत्याशी नहीं उतारे।

महायुति बनाम ठाकरे–मनसे गठबंधन

महायुति के घटक दल भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनावों के लिए साझा मोर्चा बनाया है। वहीं शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने मराठी भाषा और संस्कृति के ‘संरक्षण’ के मुद्दे पर गठबंधन किया है।

वीबीए को उम्मीदवार उतारने में आई दिक्कत

सूत्रों के मुताबिक, वीबीए को मुंबई में उसके हिस्से की 62 सीटों में से 21 सीटों पर उम्मीदवार उतारना कठिन साबित हुआ। पार्टी सूत्रों ने बताया कि कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में अनुपयुक्त उम्मीदवार उतारने के बजाय उम्मीदवार न उतारने का फैसला किया गया, जबकि कुछ सीटों पर दस्तावेजों की कमी भी बाधा बनी।

कांग्रेस को दी गई जानकारी, सीटों पर बदली रणनीति

स्थिति को भांपते हुए वीबीए ने मंगलवार सुबह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को सूचित किया कि वह केवल पांच सीटों पर चुनाव लड़ेगी और शेष 16 सीटों पर कांग्रेस को उम्मीदवार उतारने को कहा।

कांग्रेस ने मुंबई में अब तक 143 उम्मीदवारों की घोषणा की है। वीबीए 46 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि वाम दलों और राष्ट्रीय समाज पार्टी सहित अन्य सहयोगियों को छह सीटें दी गई हैं। इस तरह कांग्रेस-नेतृत्व वाले गठबंधन ने कुल 195 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं।

32 सीटों पर क्यों नहीं होगा वोटों का बंटवारा?

इन परिस्थितियों के चलते 32 सीटों पर किसी बड़े तीसरे मोर्चे का उम्मीदवार नहीं है, जिससे वोट बंटवारे की संभावना कम हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह स्थिति ठाकरे खेमे के लिए फायदेमंद हो सकती है, क्योंकि भाजपा विरोधी वोट एकजुट रहेंगे। हालांकि, नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम तस्वीर साफ होगी।

गठबंधन में दरार की खबरों से कांग्रेस-वीबीए का इनकार

  • इस बीच, कांग्रेस और वीबीए ने बुधवार को गठबंधन में दरार की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया। ये अटकलें वीबीए के हिस्से की 16 सीटों पर उम्मीदवार न उतारे जाने को लेकर सामने आई थीं।
  • कांग्रेस की मुंबई इकाई के प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि गठबंधन के ऐलान के बाद से सत्ताधारी पक्ष की जमीन खिसक रही है और किसी तरह का विवाद नहीं है।
  • वहीं वीबीए प्रवक्ता सिद्धार्थ मोकले ने कहा कि ऐसे दावे सत्ताधारी दलों द्वारा प्रायोजित हैं और नामांकन की जांच के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।

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