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लाल निशान में बाजार, सेंसेक्स 200 अंक टूटा, निफ्टी 26 हजार से नीचे

एशियाई बाजारों से मिलेजुले संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार ने सपाट शुरुआत की। सेंसेक्स और निफ्टी में उतार-चढ़ाव, निवेशक नए साल से पहले सतर्क। एशियाई बाजारों और फेड संकेतों पर नजर।

मुंबई. एशियाई शेयर बाजारों से मिलेजुले संकेत मिलने के बीच भारतीय शेयर बाजार ने हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को लगभग सपाट शुरुआत की। बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स हल्की बढ़त के साथ 85,004 अंकों पर खुला।

शुरुआती बढ़त के बाद बाजार में उतार-चढ़ाव

शुरुआती कारोबार में बाजार में सीमित तेजी देखने को मिली, लेकिन जल्द ही उतार-चढ़ाव का दौर शुरू हो गया। एनएसई का प्रमुख इंडेक्स निफ्टी-50 भी लगभग सपाट रुख के साथ 26,063 अंकों पर खुला। हालांकि, शुरुआती बढ़त को यह बनाए नहीं रख सका और कुछ ही समय में बिकवाली हावी हो गई।

सुबह के सत्र में निफ्टी 56.50 अंक की गिरावट के साथ 25,985 अंकों पर कारोबार करता नजर आया। वहीं सेंसेक्स भी शुरुआती मजबूती के बाद 231.86 अंक फिसलकर 84,809.59 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा।

निवेशकों की धारणा सतर्क

बाजार में आई कमजोरी का असर कई प्रमुख शेयरों पर पड़ा, जिससे निवेशकों की धारणा सतर्क बनी रही। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक नए साल 2026 से पहले निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं। वैश्विक संकेतों, ब्याज दरों और आगामी आर्थिक आंकड़ों को लेकर अनिश्चितता के कारण निवेशक नए निवेश से दूरी बनाए हुए हैं।

आगे बाजार की दिशा किन पर निर्भर

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक बाजारों की दिशा, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भारतीय शेयर बाजार की चाल तय करेंगी। फिलहाल सीमित दायरे में कारोबार और उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।

एशियाई बाजारों का हाल

एशियाई शेयर बाजार सोमवार को छह हफ्ते के उच्च स्तर पर पहुंच गए, जबकि डॉलर लगभग तीन महीने के निचले स्तर के पास बना रहा। इसकी प्रमुख वजह यह उम्मीद है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व अगले साल ब्याज दरों में कटौती कर सकता है, जिससे कीमती धातुओं में भी तेजी देखने को मिली।

दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 1.5 फीसदी चढ़कर लगभग दो महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया और इस साल अब तक इसमें करीब 74 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है, जो 1999 के बाद से इसकी सबसे मजबूत सालाना तेजी मानी जा रही है।
वहीं जापान का निक्केई 0.4 फीसदी फिसला, जबकि ताइवान का शेयर बाजार 0.3 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया।

निवेशकों की नजर फेड मिनट्स पर

छुट्टियों के कारण छोटे कारोबारी हफ्ते में अब निवेशकों की नजर मंगलवार को आने वाली अमेरिकी फेड की पिछली बैठक के मिनट्स पर टिकी हुई है, जिससे वैश्विक बाजारों को आगे की दिशा मिल सकती है।

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