दिल्ली-NCR की हवा हुई कुछ बेहतर: तेज हवा का असर, AQI ऑरेंज जोन में
तेज हवाओं से NCR में वायु गुणवत्ता में सुधार। दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के कई इलाके ऑरेंज जोन में पहुंचे, GRAP-4 की पाबंदियां हटीं, लेकिन विशेषज्ञों ने सतर्क रहने की दी सलाह।
नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में तेज हवाओं का सीधा असर वायु गुणवत्ता पर देखने को मिला है। लंबे समय बाद दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में सुधार दर्ज किया गया और क्षेत्र ऑरेंज जोन में पहुंच गया।
25 दिसंबर को राहत, नहीं पड़ी घनी धुंध
25 दिसंबर की सुबह लोगों को घनी धुंध का सामना नहीं करना पड़ा, जिससे आम जनजीवन को बड़ी राहत मिली। मौसम विभाग और स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, इस दिन अधिकतम तापमान लगभग 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं 26 और 27 दिसंबर के लिए तापमान 20 से 6 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान जताया गया है।
डेंस फॉग की संभावना बरकरार
मौसम विभाग के अनुसार, 26 और 27 दिसंबर को सुबह और दोपहर के समय डेंस फॉग की संभावना बनी हुई है। 27 दिसंबर को आर्द्रता 75 से 100 प्रतिशत तक रहने का अनुमान है, जिससे दृश्यता पर फिर असर पड़ सकता है।
दिल्ली के इलाकों में AQI ऑरेंज जोन में
तेज हवा के कारण दिल्ली के कई निगरानी केंद्रों पर AQI ऑरेंज जोन में दर्ज किया गया।
- नरेला (DPCC): 245
- नेहरू नगर: 275
- नॉर्थ कैंपस (डीयू): 201
- एनएसआईटी द्वारका: 279
- ओखला फेज-2: 222
- पटपड़गंज: 227
- पंजाबी बाग: 235
- पूसा: 250
- आर.के. पुरम: 227
- रोहिणी: 259
ये आंकड़े बताते हैं कि प्रदूषण पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, लेकिन हालात में पहले की तुलना में स्पष्ट सुधार हुआ है।
नोएडा और गाजियाबाद में भी राहत
नोएडा में भी हवा की गुणवत्ता बेहतर हुई है।
- सेक्टर-125: 225
- सेक्टर-62: 216
- सेक्टर-1: 252
- सेक्टर-116: 206
- गाजियाबाद के इलाकों में—
- इंदिरापुरम: 212
- लोनी: 262
- संजय नगर: 243
- वसुंधरा: 265
- इन सभी क्षेत्रों में AQI ऑरेंज जोन की श्रेणी में रहा।
GRAP-4 की पाबंदियां हटीं
तेज हवाओं से प्रदूषक कणों का फैलाव हुआ, जिससे स्मॉग की परत पतली हुई और दृश्यता बेहतर हुई। इसका सीधा असर यह रहा कि GRAP-4 की सख्त पाबंदियां हटा ली गईं। इसके बाद निर्माण कार्य, औद्योगिक गतिविधियों और अन्य जरूरी कामों में लोगों को राहत मिली है।
सुधार अस्थायी, सतर्क रहने की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि वायु गुणवत्ता में यह सुधार अस्थायी हो सकता है। यदि आने वाले दिनों में हवा की रफ्तार कम हुई और कोहरा या धुंध बढ़ी, तो प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने, स्वास्थ्य का ध्यान रखने और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है।




