योगी सरकार का मास्टर प्लान: यूपी की बेटियों को जन्म से शिक्षा तक ₹25,000 की मदद
यूपी सरकार की महत्वाकांक्षी कन्या सुमंगला योजना के तहत बागपत जिले की 18,911 बेटियों को आर्थिक सहायता का लाभ मिल रहा है। इस योजना का लाभ उन्हें तभी मिलता है, जब परिवार में दो से अधिक भाई-बहन न हों।

बागपत. यूपी सरकार की महत्वाकांक्षी कन्या सुमंगला योजना के तहत बागपत जिले की 18,911 बेटियों को आर्थिक सहायता का लाभ मिल रहा है। इस योजना का लाभ उन्हें तभी मिलता है, जब परिवार में दो से अधिक भाई-बहन न हों। बेटियों को यह सहायता छह चरणों में दी जाती है।
अब 13,120 बेटियों को मिलेगा अगले चरण का पैसा
अब योजना के अगले चरण का लाभ देने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके तहत 13,120 बेटियों के भाई-बहन का सत्यापन किया जाएगा।
यदि किसी परिवार में योजना के तहत लाभ लेने के बाद तीसरे भाई या बहन का जन्म पाया गया, तो संबंधित बेटी को योजना से बाहर कर दिया जाएगा।
हर पात्र बेटी को मिलते हैं कुल 25 हजार रुपये
कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र बेटी को छह चरणों में कुल 25,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। बेटियों के नाम पर बैंक खाता खोला जाता है, जिसमें यह राशि सीधे जमा की जाती है।
छह चरणों में ऐसे मिलती है सहायता राशि
- पहला चरण: बेटी के जन्म पर
- दूसरा चरण: एक साल के भीतर टीकाकरण पूरा होने पर
- तीसरा चरण: कक्षा 1 में प्रवेश पर
- चौथा चरण: कक्षा 6 में प्रवेश पर
- पांचवां चरण: कक्षा 9 में प्रवेश पर
- छठा चरण: आगे की पढ़ाई (कक्षा 10 के बाद) जारी रखने पर
ग्रामीण–शहरी क्षेत्रों की 13,120 बेटियों को होगा सत्यापन
बागपत जिले में ग्रामीण क्षेत्र की 5,444 बेटियों और शहरी क्षेत्र की 7,676 बेटियों को अगले चरण का पैसा दिया जाना है। यानी कुल 13,120 बेटियों को अगली किस्त मिलेगी, लेकिन इससे पहले घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा।
दो से अधिक भाई-बहन होने पर मिलेगा लाभ नहीं
महिला कल्याण विभाग की सामाजिक कार्यकर्ता रेनू ने बताया कि यदि सत्यापन के दौरान किसी लाभार्थी बेटी के दो से अधिक भाई-बहन पाए गए, तो उसे आगे योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। इसी कारण विभाग द्वारा पूरी सतर्कता के साथ जांच की जा रही है।




