अचानक नहीं आता हार्ट अटैक! सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट ने बताए 5 साइलेंट संकेत, समय पर पहचानें तो बच सकती है जान
हार्ट अटैक को लोग अक्सर अचानक होने वाली घटना मानते हैं, लेकिन सच्चाई इससे अलग है। अधिकतर मामलों में हार्ट अटैक ‘साइलेंट’ नहीं होता, बल्कि शरीर कई दिन और कई बार महीनों पहले ही चेतावनी देने लगता है।

हार्ट अटैक को लोग अक्सर अचानक होने वाली घटना मानते हैं, लेकिन सच्चाई इससे अलग है। अधिकतर मामलों में हार्ट अटैक ‘साइलेंट’ नहीं होता, बल्कि शरीर कई दिन और कई बार महीनों पहले ही चेतावनी देने लगता है। समस्या यह है कि ये लक्षण इतने हल्के होते हैं कि लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं।
आशलोक हॉस्पिटल के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आलोक चोपड़ा बताते हैं कि अगर इन साइलेंट वार्निंग सिग्नल्स को समय रहते पहचान लिया जाए, तो हार्ट अटैक से पहले ही इलाज शुरू कर जान बचाई जा सकती है।
1. थकान के साथ सीने में दर्द – सबसे बड़ा खतरा
हार्ट अटैक का सबसे पहला संकेत होता है थकान के बाद सीने में दर्द। यह दर्द:
- सीने के बीचों-बीच, सोलर प्लेक्सस के पास शुरू होता है
- गले तक जाता है, सांस अटकने जैसा लगता है
- जबड़े तक फैल सकता है
- दोनों बाजुओं में भी उतर सकता है
- यह दर्द कभी आता है, कभी चला जाता है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना खतरनाक है। इसे एंजाइना कहा जाता है और यह दिल की धमनियों में ब्लॉकेज का पक्का संकेत होता है।
2. शारीरिक गतिविधि पर सांस उखड़ना
- सीढ़ी चढ़ते समय
- तेज चलने पर
- हल्का सा काम करने पर
सांस तेजी से चलने लगे और रुकने पर भी जल्दी राहत न मिले, तो यह संकेत है कि दिल को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल रही। यह हार्ट अटैक से पहले आने वाला बड़ा वार्निंग साइन हो सकता है।
3. पैरों में सूजन और अचानक वजन बढ़ना
अगर पैरों में अचानक सूजन आने लगे या बिना ज्यादा खाने के वजन तेजी से बढ़ने लगे, तो यह शरीर में फ्लूइड रिटेंशन (पानी जमा होना) का संकेत हो सकता है। यह दिल के कमजोर होने और आने वाले हार्ट अटैक की शुरुआती चेतावनी हो सकती है।
4. बिना मेहनत के भी थकावट और लो स्टेमिना
अगर आपको लगे कि:
- थोड़े से काम में ही थकान हो रही है
- पहले जो काम आसानी से हो जाता था, वह अब भारी लगने लगा है
- बिना कुछ किए भी कमजोरी महसूस होती है
- तो यह संकेत है कि दिल की मांसपेशियों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच रही। यह हार्ट अटैक से पहले का साइलेंट अलार्म हो सकता है।
5. चक्कर, बेहोशी या अचानक तेज हार्टबीट
- चक्कर आने लगे
- सिर घूमे
- बेहोशी महसूस हो
- या दिल की धड़कन बहुत तेज हो जाए
तो इसे मामूली कमजोरी समझकर टालना बेहद खतरनाक हो सकता है। ये लक्षण साइलेंट किलर साबित हो सकते हैं, अगर समय रहते जांच न कराई जाए।
डॉ. आलोक चोपड़ा की चेतावनी
डॉ. आलोक चोपड़ा कहते हैं – “ये पांचों लक्षण छोटी-मोटी परेशानी नहीं, बल्कि हार्ट अटैक के पक्के वार्निंग सिग्नल हैं। जितनी जल्दी इन्हें पहचानकर इलाज शुरू किया जाएगा, उतनी ही जल्दी दिल और जीवन दोनों को बचाया जा सकता है।”
डॉक्टरों की जरूरी सलाह
अगर आप या आपके परिवार में किसी को ये लक्षण दिखें तो:
- देर न करें
- तुरंत ECG, एंजियोग्राफी या जरूरी जांच कराएं
- खुद से दवा लेने की गलती न करें
- क्योंकि समय पर इलाज ही हार्ट अटैक को टालने का सबसे मजबूत हथियार है।




