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दिल्ली को मिलेगा 13.65 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर, रिंग रोड के ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत

दिल्ली में रिंग रोड पर ट्रैफिक कम करने के लिए 13.65 किमी लंबा 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। सरोजिनी नगर, मुनिरका और JNU के पास रैंप की सुविधा होगी।

दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए एक बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना की तैयारी की जा रही है। केंद्र सरकार की जनरल पूल रेजिडेंशल अकोमोडेशन (GPRA) कॉलोनियों से बढ़ रहे यातायात को देखते हुए रिंग रोड पर 13.65 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की योजना बनाई गई है। यह छह लेन का कॉरिडोर होगा, जिससे दक्षिणी दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में ट्रैफिक जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है।

13.65 किमी लंबा होगा नया एलिवेटेड कॉरिडोर

प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर की लंबाई 13.65 किलोमीटर होगी। इसका उद्देश्य रिंग रोड पर बढ़ते वाहन दबाव को कम करना और यातायात को अधिक सुगम बनाना है। यह परियोजना विशेष रूप से उन क्षेत्रों को राहत देगी जहां नई सरकारी आवासीय कॉलोनियों के कारण ट्रैफिक तेजी से बढ़ा है।

चार स्थानों पर बनेंगे रैंप

एलिवेटेड कॉरिडोर पर चढ़ने और उतरने के लिए चार प्रमुख स्थानों पर रैंप प्रस्तावित किए गए हैं:

  • सरोजिनी नगर और नेताजी नगर क्षेत्र
  • लक्ष्मीबाई नगर
  • मुनिरका
  • जेएनयू परिसर के पास

इन रैंपों के जरिए स्थानीय यातायात को कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा।

JNU के आगे एयरपोर्ट तक नहीं होगी एंट्री-एग्जिट

योजना के अनुसार जेएनयू क्षेत्र से आगे एयरपोर्ट की दिशा तक एलिवेटेड कॉरिडोर पर चढ़ने या उतरने की सुविधा नहीं होगी। इससे लंबी दूरी के यातायात को बिना रुकावट आगे बढ़ने में मदद मिलेगी और ट्रैफिक फ्लो बेहतर होगा।

7 GPRA कॉलोनियों से बढ़ रहा ट्रैफिक दबाव

लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा कराए गए अध्ययन में सामने आया है कि रिंग रोड पर कुल ट्रैफिक का लगभग 17.6 प्रतिशत हिस्सा सात GPRA कॉलोनियों से आता है। इन कॉलोनियों के विकसित होने के बाद क्षेत्र में वाहनों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

नेताजी नगर और नौरोजी नगर से सबसे ज्यादा वाहन

आंकड़ों के अनुसार:

  • नेताजी नगर और नौरोजी नगर क्षेत्र से प्रतिदिन लगभग 3,215 वाहन रिंग रोड पर आते-जाते हैं।
  • रिंग रोड और लीला पैलेस होटल क्षेत्र के बीच करीब 2,608 वाहन प्रतिदिन आवाजाही करते हैं।
  • किदवई नगर के सामने प्रतिदिन लगभग 1,628 वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई है।

साउथ एक्सटेंशन और AIIMS के बीच नया फ्लाईओवर

यातायात सुधार योजना के तहत साउथ एक्सटेंशन फ्लाईओवर और AIIMS क्लोवरलीफ फ्लाईओवर को जोड़ने के लिए एक नए फ्लाईओवर का भी प्रस्ताव तैयार किया गया है। इससे इस व्यस्त कॉरिडोर पर वाहनों की आवाजाही और आसान हो सकेगी।

किदवई नगर में बनेगा एल-शेप अंडरपास

किदवई नगर की बेसमेंट पार्किंग तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एल-शेप अंडरपास बनाने की योजना भी तैयार की गई है। इससे स्थानीय ट्रैफिक और मुख्य सड़क के ट्रैफिक को अलग-अलग संचालित करने में मदद मिलेगी।

दिल्ली के ट्रैफिक नेटवर्क को मिलेगी मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि एलिवेटेड कॉरिडोर और नए फ्लाईओवर जैसे प्रोजेक्ट राजधानी के ट्रैफिक नेटवर्क को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इससे यात्रा समय कम होगा और प्रमुख मार्गों पर जाम की समस्या में कमी आ सकती है।

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इस समाचार पोर्टल के लेखक एवं संपादक हैं। दस वर्षों की पत्रकारिता अनुभव से सत्य और संतुलित खबरें पेश करने का जुनून रखते हैं। अपनी टीम के साथ राजनीति, टेक्नोलॉजी, क्राइम और संस्कृति की गहरी कवरेज देते हैं। पाठकों का विश्वास ही इनका मिशन है।

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