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Gold Rate Fall: 6 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा सोना, निवेशकों के लिए मौका या खतरा?

Gold Rate Fall: सोना 6 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है। जानिए गोल्ड की कीमतों में गिरावट की वजह, MCX और अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल और क्या अभी खरीदारी का सही मौका है।

सोने की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर भारतीय कमोडिटी बाजार तक गोल्ड और सिल्वर दोनों दबाव में हैं। गुरुवार को सोना छह महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया, जिससे निवेशकों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह खरीदारी का सही मौका है या अभी और गिरावट का इंतजार करना चाहिए।

6 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा सोना

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड की कीमत 21 नवंबर के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई। वहीं अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी गिरावट दर्ज की गई। गोल्ड की कीमतों में आई इस कमजोरी का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया, जहां सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।

MCX पर भी टूटा गोल्ड और सिल्वर

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 अगस्त एक्सपायरी वाला 24 कैरेट सोना गिरकर लगभग 1.46 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। वहीं 3 जुलाई एक्सपायरी वाली चांदी की कीमत भी गिरकर करीब 2.30 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। बाजार खुलते ही चांदी में लगभग 5,000 रुपये तक की गिरावट दर्ज की गई।

आखिर क्यों गिर रहा है सोना?

  • अमेरिका में बढ़ती महंगाई: सोने की कीमतों पर सबसे बड़ा दबाव अमेरिका में बढ़ती महंगाई का माना जा रहा है। मई महीने में अमेरिकी रिटेल महंगाई दर 4.2 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो पिछले तीन वर्षों का उच्च स्तर बताया जा रहा है।
  • ब्याज दर बढ़ने की आशंका: बाजार को उम्मीद है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक आगे ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। उच्च ब्याज दरों का असर आमतौर पर सोने पर नकारात्मक पड़ता है क्योंकि निवेशक ब्याज देने वाली परिसंपत्तियों की ओर रुख करने लगते हैं।
  • कच्चे तेल की कीमतों में उछाल: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चिंताओं के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। इससे वैश्विक महंगाई का जोखिम बढ़ा है और बाजार में अस्थिरता देखने को मिल रही है।

अभी खरीदें या इंतजार करें?

विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मौजूदा गिरावट खरीदारी का अवसर बन सकती है। हालांकि, यदि अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर सख्त संकेत आते हैं, तो निकट भविष्य में कीमतों पर और दबाव देखने को मिल सकता है।

निवेशकों के लिए रणनीति

  • एकमुश्त निवेश करने के बजाय चरणबद्ध खरीदारी (SIP या स्टैगर्ड बाइंग) बेहतर विकल्प हो सकती है।
  • लंबी अवधि के निवेशकों के लिए गिरावट में खरीदारी फायदेमंद साबित हो सकती है।
  • अल्पकालिक निवेशकों को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति और महंगाई के आंकड़ों पर नजर रखनी चाहिए।

क्या आगे फिर बढ़ सकता है सोना?

इतिहास बताता है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और मुद्रास्फीति के दौर में सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है। ऐसे में यदि मध्य पूर्व संकट और महंगाई का दबाव बढ़ता है, तो भविष्य में सोने की कीमतों में फिर तेजी लौट सकती है।

Republic News

इस समाचार पोर्टल के लेखक एवं संपादक हैं। दस वर्षों की पत्रकारिता अनुभव से सत्य और संतुलित खबरें पेश करने का जुनून रखते हैं। अपनी टीम के साथ राजनीति, टेक्नोलॉजी, क्राइम और संस्कृति की गहरी कवरेज देते हैं। पाठकों का विश्वास ही इनका मिशन है।

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