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Delhi Airport Monsoon Plan: रनवे से टर्मिनल तक हाईटेक इंतजाम, जलभराव और लीकेज रोकने की पूरी तैयारी

दिल्ली के IGI एयरपोर्ट ने मानसून से पहले जलभराव और लीकेज रोकने के लिए हाईटेक ड्रेनेज सिस्टम, डीवाटरिंग पंप और 24x7 क्विक रिस्पांस टीम की व्यवस्था की है। जानिए पूरी तैयारी।

नई दिल्ली. मानसून सीजन को देखते हुए देश के सबसे व्यस्त एयरपोर्टों में शामिल दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर व्यापक तैयारियां की गई हैं। पिछले वर्षों में जलभराव, छत से पानी टपकने और टर्मिनल-1 पर हुए हादसों से सबक लेते हुए एयरपोर्ट संचालक DIAL (Delhi International Airport Limited) ने इस बार तकनीकी उन्नयन और आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम पर विशेष जोर दिया है। लक्ष्य है कि मानसून के दौरान यात्रियों और विमान संचालन पर किसी तरह का असर न पड़े।

पिछले वर्षों की घटनाओं से लिया सबक

बीते कुछ वर्षों में भारी बारिश के दौरान एयरपोर्ट को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा था।

  • टर्मिनल-1 परिसर में संरचनात्मक हादसा
  • रनवे और एयरसाइड क्षेत्र में जलभराव
  • उड़ानों का डायवर्जन
  • टर्मिनल के अंदर पानी टपकने की घटनाएं
  • सोशल मीडिया पर एयरपोर्ट प्रबंधन की आलोचना

इन घटनाओं ने एयरपोर्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर और मेंटेनेंस व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे।

टर्मिनल-1 में लगाया गया हाईटेक ड्रेनेज सिस्टम

जलभराव की समस्या से निपटने के लिए टर्मिनल-1 फोरकोर्ट क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। प्रमुख बदलाव

  • साइफोनिक ड्रेनेज सिस्टम की स्थापना
  • वैक्यूम आधारित सक्शन तकनीक का उपयोग
  • ओवरफ्लो डाउनटेक पाइप लगाए गए
  • छत पर पानी जमा होने से रोकने की व्यवस्था

यह सिस्टम भारी बारिश के दौरान पानी की निकासी को तेज और प्रभावी बनाएगा।

टर्मिनल-2 की छत को किया गया मजबूत

पिछले वर्षों में टर्मिनल-2 में रिसाव की शिकायतों के बाद इस बार व्यापक मरम्मत की गई है। किए गए कार्य

  • पूरी छत की वाटरप्रूफिंग
  • स्काईलाइट्स की मरम्मत
  • जोड़ों और दरारों की सीलिंग
  • लीकेज रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय

रनवे और एयरसाइड क्षेत्र में विशेष इंतजाम

विमान संचालन प्रभावित न हो, इसके लिए एयरपोर्ट के एयरसाइड क्षेत्र में भी बड़े सुधार किए गए हैं। नई व्यवस्थाएं

  • हाई-कैपेसिटी डीवाटरिंग पंप लगाए गए
  • ड्रेनेज नेटवर्क की डीसिल्टिंग पूरी
  • जल निकासी मार्गों की सफाई
  • रनवे पर पानी जमा होने से रोकने के उपाय

24 घंटे तैनात रहेगी क्विक रिस्पांस टीम

डायल ने मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष व्यवस्था की है।

QRT की जिम्मेदारियां

  • जलभराव की स्थिति में तत्काल कार्रवाई
  • लीकेज की निगरानी
  • संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित जांच
  • 24×7 आपातकालीन प्रतिक्रिया

बाहरी जलभराव रोकने के लिए सरकार के साथ समन्वय

एयरपोर्ट परिसर में आसपास के इलाकों से आने वाले वर्षा जल की समस्या भी लंबे समय से चुनौती रही है। इस बार डायल ने दिल्ली सरकार के साथ मिलकर ऐसी व्यवस्था तैयार की है जिससे बाहरी पानी को एयरपोर्ट तक पहुंचने से पहले ही डायवर्ट किया जा सके।

क्या इस बार सफल होगा DIAL का प्लान?

डायल ने मानसून से पहले तकनीकी उन्नयन, आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम, बैकअप इंफ्रास्ट्रक्चर और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र तैयार कर लिया है। हालांकि इसकी वास्तविक परीक्षा मानसून की भारी बारिश के दौरान होगी। यदि ये व्यवस्थाएं सफल रहती हैं तो IGI एयरपोर्ट को पिछले वर्षों जैसी आलोचनाओं और परिचालन बाधाओं से राहत मिल सकती है।

Republic News

इस समाचार पोर्टल के लेखक एवं संपादक हैं। दस वर्षों की पत्रकारिता अनुभव से सत्य और संतुलित खबरें पेश करने का जुनून रखते हैं। अपनी टीम के साथ राजनीति, टेक्नोलॉजी, क्राइम और संस्कृति की गहरी कवरेज देते हैं। पाठकों का विश्वास ही इनका मिशन है।

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