बिहारराज्य

बिहार में Google की एंट्री से बनेगा टेक हब! ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर खोलने का मिला न्योता

बिहार सरकार ने Google को राज्य में Global Capability Center (GCC) स्थापित करने का न्योता दिया है। AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल विकास को बढ़ावा देने वाली इस पहल से रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

पटना. बिहार को देश के उभरते टेक्नोलॉजी और नवाचार केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। नई दिल्ली स्थित बिहार भवन में उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary से Google India के वाइस प्रेसिडेंट Chandu Thota के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। साथ ही बिहार में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) स्थापित करने के लिए गूगल को आमंत्रित किया गया।

बिहार में GCC स्थापित करने का प्रस्ताव

बैठक के दौरान बिहार सरकार ने गूगल को राज्य में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। दोनों पक्षों ने डिजिटल विकास, तकनीकी नवाचार और रोजगार सृजन के क्षेत्र में मजबूत साझेदारी की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति जताई।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की नई GCC नीति के तहत वैश्विक तकनीकी कंपनियों के लिए राज्य में निवेश और विस्तार के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं।

AI, क्लाउड और रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा

बिहार GCC नीति-2026 का उद्देश्य राज्य को बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए तकनीकी और अनुसंधान केंद्र के रूप में विकसित करना है। इसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा एनालिटिक्स, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) और अन्य उन्नत तकनीकों से जुड़े केंद्र स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है। इस पहल से राज्य के युवाओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

कंपनियों को मिलेंगे आकर्षक प्रोत्साहन

बिहार सरकार की GCC नीति के तहत पात्र कंपनियों को कई वित्तीय सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

पूंजीगत निवेश पर सब्सिडी

  • पूंजीगत व्यय का 30% तक अनुदान
  • अधिकतम 50 करोड़ रुपये तक की सहायता

रोजगार आधारित प्रोत्साहन

  • बिहार के मूल निवासियों को नौकरी देने वाली कंपनियों को वेतन सब्सिडी
  • पहले वर्ष 50%
  • दूसरे वर्ष 40%
  • तीसरे वर्ष 30%
  • अधिकतम 200 कर्मचारियों तक लाभ

अन्य सुविधाएं

  • कार्यालय किराए पर वित्तीय सहायता
  • पेटेंट फाइलिंग शुल्क का 100% रिफंड (5 वर्षों में 50 लाख रुपये तक)
  • अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन पर 50% सहायता (5 वर्षों में 25 लाख रुपये तक)
  • पटना और दानापुर नगर निगम क्षेत्र के बाहर GCC स्थापित करने पर अतिरिक्त 10% प्रोत्साहन

क्या होता है GCC?

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा दूसरे देशों में स्थापित किए गए रणनीतिक संचालन केंद्र होते हैं। इनका उपयोग तकनीकी विकास, डेटा एनालिटिक्स, AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, अनुसंधान और व्यावसायिक प्रक्रियाओं के प्रबंधन के लिए किया जाता है। GCC के जरिए कंपनियां बाहरी एजेंसियों पर निर्भरता कम कर वैश्विक प्रतिभा और लागत दक्षता का लाभ उठाती हैं।

बिहार के लिए क्यों अहम है यह पहल?

यदि गूगल बिहार में GCC स्थापित करता है, तो यह राज्य के डिजिटल इकोसिस्टम, स्टार्टअप संस्कृति और आईटी सेक्टर के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। इससे न केवल बड़े निवेश आकर्षित होंगे, बल्कि स्थानीय युवाओं को भी अत्याधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर मिलेंगे।

Republic News

इस समाचार पोर्टल के लेखक एवं संपादक हैं। दस वर्षों की पत्रकारिता अनुभव से सत्य और संतुलित खबरें पेश करने का जुनून रखते हैं। अपनी टीम के साथ राजनीति, टेक्नोलॉजी, क्राइम और संस्कृति की गहरी कवरेज देते हैं। पाठकों का विश्वास ही इनका मिशन है।

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