मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: किसानों को राहत, भोपाल मेट्रो को फंड और 15 जून तक तबादलों की डेडलाइन
मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक में किसानों को राहत, भोपाल मेट्रो परियोजना को अतिरिक्त फंड, मंडी शुल्क में बदलाव और 15 जून तक तबादला प्रक्रिया पूरी करने जैसे कई बड़े फैसले लिए गए।

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में किसानों, अधोसंरचना विकास, प्राकृतिक खेती और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कैबिनेट ने भोपाल मेट्रो परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता, कपास किसानों को राहत, उर्वरक वितरण की निगरानी और तबादला प्रक्रिया को लेकर अहम निर्णयों को मंजूरी दी।
प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्ष पूरे होने पर बधाई प्रस्ताव
कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई प्रस्ताव पारित किया गया। सरकार ने इसे विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियों का दौर बताया।
प्राकृतिक खेती को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार ने प्रत्येक जिले में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला किया है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को रसायन मुक्त खेती के लाभ और आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जाएगी।
15 जून तक पूरी होगी तबादला प्रक्रिया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि नई तबादला नीति के तहत स्थानांतरण की प्रक्रिया 15 जून तक पूरी कर ली जाए। सरकार प्रशासनिक व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से व्यवस्थित करने पर जोर दे रही है।
भोपाल मेट्रो परियोजना को मिली अतिरिक्त सहायता
कैबिनेट ने भोपाल मेट्रो रेल परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की। सरकार का मानना है कि इससे परियोजना के निर्माण कार्यों में तेजी आएगी और राजधानी में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कपास किसानों को मिली बड़ी राहत
कपास उत्पादक किसानों के हित में सरकार ने मंडी शुल्क में कटौती का फैसला किया है।
नया शुल्क
- पहले: प्रति गठान 1 रुपये
- अब: प्रति गठान 50 पैसे
सरकार के अनुसार इससे किसानों और कृषि व्यापारियों दोनों को आर्थिक लाभ मिलेगा।
उर्वरक वितरण की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी
खरीफ सीजन को देखते हुए प्रत्येक जिले में उर्वरक वितरण की निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। संबंधित मंत्री और विधायक भी समन्वय की भूमिका निभाएंगे ताकि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो सके।
मंडी टैक्स बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत किया गया
कैबिनेट ने मंडी टैक्स को 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
सरकार को होगा लाभ
- अनुमानित अतिरिक्त वार्षिक राजस्व: 835 करोड़ रुपये
सरकार का कहना है कि इस अतिरिक्त राशि का उपयोग कृषि मंडियों के विकास, ग्रामीण अधोसंरचना और गोसंवर्धन कार्यों पर किया जाएगा।
कृषि सीजन की तैयारियां शुरू
राज्य सरकार ने आगामी कृषि सीजन को ध्यान में रखते हुए उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और कृषि संबंधी अन्य आवश्यक तैयारियों की नियमित समीक्षा करने का निर्णय लिया है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
किसानों और विकास परियोजनाओं पर फोकस
कैबिनेट के फैसलों से स्पष्ट है कि सरकार एक ओर किसानों को राहत देने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है, वहीं दूसरी ओर भोपाल मेट्रो जैसी बड़ी अधोसंरचना परियोजनाओं को भी गति देने की दिशा में काम कर रही है।




