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दिल्ली में सड़कों का डिजिटल मैनेजमेंट शुरू, RAMS सिस्टम से होगी मरम्मत और रखरखाव की स्मार्ट प्लानिंग

दिल्ली में RAMS (Road Asset Management System) लागू होगा। सड़कों का डिजिटल रिकॉर्ड, डेटा आधारित मेंटेनेंस, स्मार्ट ड्रेनेज और ग्रीन रोड कॉरिडोर से रोड इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा मिलेगी।

नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली की सड़कों को स्मार्ट, सुरक्षित और धूल-मुक्त बनाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली सरकार ने सीएसआईआर-सीआरआरआई और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) के साथ समझौता कर रोड एसेट मैनेजमेंट सिस्टम (RAMS) लागू करने का फैसला किया है। इस नई प्रणाली के जरिए सड़कों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा और उनकी स्थिति, मरम्मत की जरूरत तथा ट्रैफिक दबाव का वैज्ञानिक विश्लेषण कर बेहतर योजना बनाई जाएगी।

RAMS सिस्टम से होगा डिजिटल रोड मैनेजमेंट

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पीडब्ल्यूडी के साथ हुए इस समझौते के तहत दिल्ली में रोड एसेट मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाएगा। इससे सड़कों की वास्तविक स्थिति का डिजिटल डेटा उपलब्ध होगा, जिसके आधार पर रखरखाव और मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

डेटा आधारित होगी सड़क मरम्मत की योजना

सरकार का उद्देश्य केवल नई सड़कें बनाना नहीं, बल्कि एक ऐसा आधुनिक शहरी सड़क तंत्र विकसित करना है जो पर्यावरण-अनुकूल, सुरक्षित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप हो। नई व्यवस्था के तहत सड़कों की मरम्मत और रखरखाव का निर्णय वैज्ञानिक आंकड़ों और डेटा विश्लेषण के आधार पर लिया जाएगा।

ट्रैफिक, प्रदूषण और जलभराव की समस्या पर फोकस

दिल्ली में बढ़ते ट्रैफिक, वायु प्रदूषण और जलभराव जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सड़क प्रबंधन को आधुनिक तकनीकों से जोड़ा जाएगा। इससे सड़कों की गुणवत्ता बेहतर होगी और संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

ग्रीन रोड कॉरिडोर विकसित करने की तैयारी

समझौते के तहत सड़कों के किनारे वैज्ञानिक तरीके से हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। स्थानीय प्रजातियों के पौधों का रोपण, मशीनीकृत सड़क सफाई (Mechanized Road Sweeping) और डस्ट कंट्रोल उपायों को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।

ड्रेनेज और भूजल रिचार्ज पर भी रहेगा जोर

नई योजना के तहत सड़कों के स्लोप और स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम को वैज्ञानिक आधार पर पुनर्गठित किया जाएगा। साथ ही पेवमेंट डिजाइन में ऐसी तकनीकों का उपयोग किया जाएगा जो भूजल रिचार्ज को बढ़ावा दें और जलभराव की समस्या को कम करें।

समझौते की प्रमुख विशेषताएं

  • सड़कों के स्लोप और स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम का पुनर्गठन।
  • आधुनिक पेवमेंट तकनीकों का उपयोग।
  • सड़क इंजीनियरिंग, रोड सेफ्टी और एसेट मैनेजमेंट पर विशेष फोकस।
  • शहरी डिजाइन, स्ट्रीटस्केप प्लानिंग और पब्लिक स्पेस डेवलपमेंट को बढ़ावा।
  • इंटीग्रेटेड अर्बन रोड डेवलपमेंट मॉडल का निर्माण।
  • ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण-अनुकूल सड़क विकास को प्राथमिकता।

आधुनिक और भविष्य के अनुरूप सड़क नेटवर्क बनेगा

पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि यह पहल दिल्ली के रोड इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक, वैज्ञानिक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वहीं मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सड़कों के किनारे स्थानीय और पर्यावरण-अनुकूल पौधारोपण के जरिए धूल प्रदूषण को कम करने की दिशा में व्यापक कार्य किए जा रहे हैं।

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इस समाचार पोर्टल के लेखक एवं संपादक हैं। दस वर्षों की पत्रकारिता अनुभव से सत्य और संतुलित खबरें पेश करने का जुनून रखते हैं। अपनी टीम के साथ राजनीति, टेक्नोलॉजी, क्राइम और संस्कृति की गहरी कवरेज देते हैं। पाठकों का विश्वास ही इनका मिशन है।

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