TMC में बड़ी बगावत का दावा! 20 सांसदों ने अलग गुट बनाने की तैयारी, ममता बनर्जी की बढ़ी मुश्किलें
TMC में 20 सांसदों के अलग गुट बनाने की खबरों से सियासी हलचल तेज हो गई है। काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व की चर्चा और NDA में शामिल होने की अटकलों ने ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
नई दिल्ली. तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बड़ी राजनीतिक हलचल की खबर सामने आई है। दावा किया जा रहा है कि पार्टी के 20 असंतुष्ट सांसद अलग गुट बनाने की तैयारी में हैं और इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भेजा गया है। यदि यह दावा सही साबित होता है, तो यह पश्चिम बंगाल की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ा घटनाक्रम माना जाएगा।
TMC में टूट की अटकलों से बढ़ी हलचल
रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोकसभा में TMC के कुछ सांसद पार्टी नेतृत्व से नाराज बताए जा रहे हैं। बागी खेमे का दावा है कि उनके साथ 20 सांसद हैं, जो अलग संसदीय गुट बनाने के पक्ष में हैं।
लोकसभा में TMC के 28 सांसद हैं। दल-बदल कानून के तहत किसी मान्य विभाजन के लिए कम से कम दो-तिहाई सांसदों का समर्थन आवश्यक होता है, जो इस स्थिति में 19 सांसदों के बराबर है।
काकोली घोष दस्तीदार के नाम की चर्चा
सूत्रों के अनुसार, बागी सांसदों का एक वर्ग Kakoli Ghosh Dastidar को संसदीय नेतृत्व में देखना चाहता है। वहीं पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव Abhishek Banerjee को लेकर भी असंतोष की चर्चाएं सामने आई हैं। हालांकि पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
दिल्ली में हुईं कई अहम बैठकें
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ असंतुष्ट सांसदों ने दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकें की हैं। इन बैठकों में कई राजनीतिक संभावनाओं और भविष्य की रणनीति पर चर्चा होने की बात कही जा रही है। इन घटनाक्रमों के बीच TMC नेतृत्व भी दिल्ली में मौजूद है, जहां Mamata Banerjee विभिन्न राजनीतिक बैठकों में भाग ले रही हैं।
सुखेंदु शेखर राय के इस्तीफे से बढ़ी चर्चा
TMC के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद Sukhendu Sekhar Ray ने पार्टी और राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे ने पार्टी के भीतर चल रही असहमति की चर्चाओं को और तेज कर दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे में संगठन और शासन से जुड़े मुद्दों पर चिंता जताई है।
लोकसभा और राज्यसभा दोनों पर नजर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि लोकसभा में कोई बड़ा समूह अलग रुख अपनाता है, तो उसका असर राज्यसभा में भी दिखाई दे सकता है। फिलहाल राज्यसभा में भी कुछ नेताओं की नाराजगी को लेकर चर्चाएं जारी हैं।
NDA में शामिल होने की अटकलें
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि असंतुष्ट सांसदों का एक वर्ग भविष्य में NDA के साथ जाने के विकल्प पर विचार कर सकता है। हालांकि इस संबंध में किसी भी सांसद या NDA नेतृत्व की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ममता बनर्जी के लिए नई चुनौती?
यदि सांसदों के अलग गुट बनाने का दावा सही साबित होता है, तो यह TMC नेतृत्व के लिए बड़ी राजनीतिक चुनौती बन सकता है। पश्चिम बंगाल विधानसभा में पहले से चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच संसदीय स्तर पर असंतोष की खबरें पार्टी के लिए चिंता बढ़ा सकती हैं।




